मध्य प्रदेश में सेना दिवस का विशेष आयोजन तय
मध्य प्रदेश के इतिहास में 15 जनवरी 2027 का दिन एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में दर्ज होने जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ बैठक के बाद घोषणा की है कि वर्ष 2027 का राष्ट्रीय सेना दिवस समारोह भोपाल में मनाया जाएगा। यह आयोजन राज्य के नागरिकों को देश की समृद्ध सैन्य परंपरा से परिचित कराने और युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का उद्देश्य रखता है।
सेना दिवस का महत्व और आयोजन की रूपरेखा
सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है, जो 1949 में जनरल सर एफआरआर बुचर से भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ के रूप में केएम करिअप्पा के पदभार संभालने की याद में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इस भव्य समारोह में राज्य के नागरिकों को सेना की वीरता और शक्ति का अनुभव कराना मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी 2027 को भोपाल में आयोजित होने वाली परेड में सेना के हथियार, संसाधन और सैन्य अभ्यासों का प्रदर्शन किया जाएगा, साथ ही रिटायर्ड सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा।
आयोजन का उद्देश्य और विशेष गतिविधियां
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सेना और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। इस दौरान ‘शौर्य संध्या’ नामक सैन्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें सेना के उपकरण और संसाधनों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इन समारोहों में भाग लेंगे। इन गतिविधियों का आयोजन 1 नवंबर से शुरू होकर 15 जनवरी तक चलेगा, जो मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के साथ जुड़ा है। इस अवसर पर ‘मेरी माटी’ अभियान के तहत विभिन्न जिलों से मिट्टी लाई जाएगी और भोपाल के शौर्य स्मारक में ‘संकल्प वृक्ष’ लगाया जाएगा।










