मंत्री विजय शाह की विवादित टिप्पणी पर सफाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह ने अपनी हालिया विवादित टिप्पणी के संदर्भ में अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने रतलाम में आयोजित एक बैठक के दौरान लाड़ली बहना योजना की मासिक सहायता को मुख्यमंत्री मोहन यादव के सम्मान समारोह से जोड़ने की बात कही थी, जिससे राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई।
दरअसल, इस बैठक में विजय शाह ने कहा कि यदि महिला लाभार्थी मुख्यमंत्री के सम्मान कार्यक्रम में भाग लेती हैं, तो उनकी मासिक सहायता 250 रुपए बढ़ा दी जाएगी। वहीं, यदि वे ऐसा नहीं करती हैं, तो उनका वेरिफिकेशन प्रक्रिया लंबित रखी जाएगी। यह बयान नए साल में योजना के लाभार्थियों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह के दौरान की गई चर्चा का हिस्सा था।
सार्वजनिक माफी और विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
विजय शाह ने अपने बयान को लेकर कहा कि उन्हें भ्रामक खबरें फैलाने का कोई अधिकार नहीं है और वह अपने शब्दों का समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और उनका उद्देश्य किसी भी तरह का गलत इरादा नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ अनयोग्य महिलाएं योजना का लाभ उठा रही हैं, जिसके कारण उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केवल योग्य महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलना चाहिए और अनयोग्य लाभार्थियों को बाहर किया जाना चाहिए।
राजनीतिक विवाद और कांग्रेस का विरोध
विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने विजय शाह की टिप्पणियों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि बीजेपी में नैतिकता और शर्म बची है, तो मंत्री का इस्तीफा तुरंत मांगा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी महिलाओं का सम्मान करने के बजाय उनके अपमान में लगी है।
पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री यादव की चुप्पी इस पूरे प्रकरण में उनकी सहमति दर्शाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि क्या बीजेपी में महिलाओं का अपमान राजनीतिक लाभ का जरिया बन गया है। कांग्रेस का आरोप है कि ऐसे मंत्री जो सशस्त्र बलों और महिलाओं का अपमान करते हैं, उन्हें सरकार में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
लाड़ली बहना योजना का परिचय और वर्तमान स्थिति
लाड़ली बहना योजना राज्य में 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत अभी तक 1.26 करोड़ से अधिक महिलाएं हर महीने 1500 रुपए की मदद प्राप्त कर रही हैं। सरकार ने इस सहायता राशि को 2028 तक बढ़ाकर 3000 रुपए करने का वादा किया है।
यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, और इसके माध्यम से सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है।










