झारखंड में बीएलओ के खिलाफ मंत्री इरफान अंसारी का विवादित बयान
झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वोटर लिस्ट से नाम काटे गए, तो घर में ताला जड़कर बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं आकर इन नामों को खोलूंगा।
अंसारी ने इस बयान में यह भी आरोप लगाया कि यह केंद्र सरकार की एक साजिश है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पश्चिम बंगाल (West Bengal) में लागू है, लेकिन झारखंड (Jharkhand) में इसे लागू नहीं होने देंगे।
वोटर लिस्ट में नाम काटने को लेकर चेतावनी और राजनीतिक आरोप
दरअसल, मंत्री इरफान अंसारी एक कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित कर रहे थे, जिसमें उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मुद्दे पर बीएलओ को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि नाम काटे गए, तो घर में ताला जड़कर बंद कर देंगे और खुद आकर खोलूंगा। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार पर वोट बैंक को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया।
कोलकाता में बीएलओ का विरोध प्रदर्शन और चुनाव प्रक्रिया की स्थिति
वहीं, पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चल रहे वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) के खिलाफ बूथ लेवल अधिकारियों का एक संगठन सोमवार को प्रदर्शन करेगा। यह विरोध कार्यभार के दबाव और सिस्टम की खामियों के खिलाफ होगा। BLO अधिकार रक्षा कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि वे चुनाव आयोग को एक प्रतिनिधित्व सौंपने की योजना बना रहे हैं।
कमेटी का आरोप है कि SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद से सभी जिलों के बीएलओ अत्यधिक और अमानवीय दबाव में काम कर रहे हैं। वे उत्तरी कोलकाता (North Kolkata) के कॉलेज स्क्वायर से लेकर शहर के मुख्य कार्यालय तक मार्च निकालेंगे और चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप और सुधार की मांग करेंगे।
अधिकारी ने कहा कि उन्हें कम समय में काम पूरा करने को कहा गया है, जबकि इस तरह के कार्य सामान्यतः दो साल से अधिक समय लेते हैं। यह प्रक्रिया 4 नवंबर को शुरू हुई और 4 दिसंबर तक चलेगी। ड्राफ्ट रोल 9 दिसंबर को प्रकाशित किए जाएंगे।











