घुटनों में आवाज़ क्यों होती है?
आज के समय में अधिकतर लोग लिफ्ट और एस्केलेटर का उपयोग करना पसंद करते हैं, जिससे उन्हें सीढ़ियों पर चढ़ने की आवश्यकता कम हो जाती है। इससे उनके घुटनों की गतिशीलता घटने लगती है। वहीं, जब कुछ लोग सीढ़ियों पर चढ़ते या बैठते हैं, तो अक्सर उन्होंने देखा होगा कि उनके घुटनों से हल्की ‘क्लिक’ या फूटने जैसी आवाजें सुनाई देती हैं। ये आवाजें सामान्य नहीं हैं और शरीर में हड्डियों से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकती हैं। दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में ऑर्थोपेडिक और स्पोर्ट्स सर्जन डॉ. ओबैदुर रहमान ने इस विषय पर एक वीडियो में विस्तार से चर्चा की है।
घुटनों की आवाज का क्या मतलब है?
डॉ. रहमान ने अपने वीडियो में पूछा, क्या आपके घुटने सीढ़ियां चढ़ते या स्क्वाट करते समय आवाज करते हैं? यदि हां, तो यह शरीर में किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। उन्होंने अपनी पोस्ट में एक 27 वर्षीय कॉर्पोरेट कर्मचारी की कहानी भी साझा की, जो अपने व्यस्त जीवन के कारण घुटने की समस्या से जूझ रही थी। उस व्यक्ति ने हल्की ‘क्लिक’ की आवाज को नजरअंदाज किया, लेकिन कुछ समय बाद यह आवाज दर्दनाक घर्षण में बदल गई। जांच में पता चला कि वह कंड्रोमलेशिया पटेला (Chondromalacia Patellae) नामक स्थिति से पीड़ित है, जिसमें घुटने की हड्डी के नीचे का कार्टिलेज घिसने लगता है।
युवाओं में बढ़ रहा है यह समस्या
डॉ. रहमान का कहना है कि यह समस्या युवाओं में तेजी से फैल रही है। खासतौर पर वे लोग अधिक प्रभावित होते हैं जो लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं। यदि शरीर इन संकेतों को नजरअंदाज करता है, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह तब बढ़ती है जब घुटनों पर बार-बार दबाव पड़ता है, लेकिन मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज नहीं की जाती। खराब पॉश्चर, कम मूवमेंट और बिना तैयारी के हाई-इंपैक्ट एक्सरसाइज भी कार्टिलेज को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिसे आधुनिक जीवनशैली वाले लोग अक्सर अनदेखा कर देते हैं।
संकेतों को नजरअंदाज न करें
डॉ. रहमान का कहना है कि जरूरी नहीं कि घुटने में दर्द होने पर ही आपको सतर्क होना चाहिए। शरीर पहले ही हमें चेतावनी देता है कि कुछ गलत हो रहा है। यदि आपके घुटने सीढ़ियां चढ़ते, बैठते या लंबे समय तक बैठे रहने के बाद आवाज करते हैं, तो इसे हल्के में न लें। यदि इन संकेतों को अनदेखा किया गया, तो भविष्य में परेशानी बढ़ सकती है। शुरुआती चेतावनी अक्सर घुटनों से आने वाली आवाजें ही होती हैं, जिन्हें समझकर समय रहते उचित कदम उठाए जा सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि लोग नियमित रूप से स्ट्रेचिंग करें, पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाएं, सही पॉश्चर अपनाएं और लंबे समय तक बैठे रहने से बचें।











