सूरजकुंड मेला का अंतिम चरण और खरीदारी के अवसर
हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित 39वां अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला अब अपने अंतिम दौर में है। इस मेले में देश-विदेश से आए पर्यटक पारंपरिक हस्तशिल्प, लोकगीतों और नृत्यों का आनंद ले रहे हैं। मेले की रौनक और भी बढ़ गई है क्योंकि अंतिम दिनों में शिल्पकार अपने स्टॉल्स पर आकर्षक छूट और फिक्स रेट बोर्ड लगाकर ग्राहकों को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं।
मेला में उपलब्ध पारंपरिक वस्तुएं और विशेष छूट
मेले में आप हाथ से बुने गए कपड़े जैसे कॉटन, सिल्क और ऊन की साड़ियां, शॉल्स, कुशन कवर, स्टोल, दुपट्टे और कढ़ाई वाले परिधान खरीद सकते हैं। खासतौर पर कश्मीरी शॉल और दुपट्टे अब कम कीमतों पर उपलब्ध हैं। अंतिम दिनों में राजस्थान का विशेष अचार और नमकीन भी मेले में आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। यह समय उन खरीदारों के लिए फायदेमंद है जो पारंपरिक कला और हस्तशिल्प में रुचि रखते हैं, क्योंकि इस दौरान उन्हें शानदार छूट का लाभ मिल सकता है।
आसान पहुंच और खरीदारी का लाभ
सूरजकुंड मेले में सामानों पर मिल रही छूट का लाभ उठाने के लिए आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यदि आप मेट्रो से जाना चाहते हैं, तो दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन से बदरपुर बॉर्डर या सराय स्टेशन पर उतरकर कैब या ऑटो की मदद से मेले तक पहुंच सकते हैं। सड़क मार्ग से भी दिल्ली और आसपास के इलाकों से निजी वाहन या बस के जरिए फरीदाबाद पहुंचना आसान है। इस तरह, आप मेट्रो, बस या निजी वाहन का उपयोग कर सूरजकुंड मेला का आनंद ले सकते हैं।











