कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन नेशनल हेराल्ड केस के बाद तेज हुआ
नेशनल हेराल्ड मामले में मिली ताजा राहत के बावजूद कांग्रेस ने अपने विरोध प्रदर्शन जारी रखे हैं। संसद से लेकर सड़कों तक कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता अपने समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। संसद परिसर में कांग्रेस सांसदों ने बैनर और पोस्टर के साथ जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार और ED पर विपक्ष को दबाने का आरोप लगाया। कांग्रेस का दावा है कि यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, और पार्टी इस मुद्दे पर देशभर में आंदोलन जारी रखेगी।
लखनऊ और अहमदाबाद में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस ने ED के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें कार्यकर्ता बीजेपी कार्यालय की ओर कूच करने लगे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ता लगातार आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा के नाम पर उन्हें रोक दिया। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद में भी कांग्रेस ने कोर्ट से राहत मिलने के बाद पदयात्रा निकाली, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। इस पदयात्रा का नेतृत्व गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने इसे अनुमति न मिलने का हवाला देते हुए रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी जारी रखी और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया।
चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ और रांची में कांग्रेस का राजनीतिक विरोध
चंडीगढ़ में भी कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड केस को लेकर ED और मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में हुए इस विरोध में नेताओं ने कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यह ‘सत्य की जीत’ है। वहीं, छत्तीसगढ़ में विधानसभा के अंदर कांग्रेस विधायकों ने भी ED की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने हाथों में ‘सत्यमेव जयते’ लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। झारखंड के रांची में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार और ED के खिलाफ नारेबाजी की। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो और पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर कर रहे थे, जिन्होंने केंद्र सरकार के एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।










