मनोहर लाल खट्टर का भ्रष्टाचार पर जोर
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने फरीदाबाद में कहा कि राज्य में दो पुलिसकर्मियों की आत्महत्या का मुख्य कारण भ्रष्टाचार है, न कि राजनीति या जाति। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार निष्पक्ष जांच कर रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी सरकार की निर्णायक कार्रवाई जारी है। यह बयान राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है, जिससे जनता का भरोसा मजबूत होता है।
पुलिसकर्मियों की आत्महत्याओं का संदर्भ
7 अक्टूबर को 52 वर्षीय आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में उन्होंने कुछ अधिकारियों पर उत्पीड़न और जाति भेदभाव के आरोप लगाए। इसके कुछ ही दिनों बाद, रोहतक में एएसआई संदीप कुमार ने भी आत्महत्या कर ली और अपने नोट में पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इन घटनाओं ने राज्य में भ्रष्टाचार और पुलिस महकमे की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार की योजनाएं और उपलब्धियां
खट्टर ने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 के तहत गरीब परिवारों को लगभग 9000 प्लॉट प्रदान किए हैं, जिनका आकार 50 से 100 गज के बीच है, ताकि उन्हें स्थायी घर मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य में अच्छा शासन स्थापित हुआ है, जिसे ‘नो पर्ची, नो खर्ची’ मंत्र से जाना जाता है। साथ ही, हरियाणा देश का पहला केरोसीन-फ्री राज्य बन चुका है, जहां हर घर में बिजली, गैस और पानी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। ट्रांसफ़र और सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने से पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा मिला है।











