हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला
हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार ने अपने जीवन का अंत कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने उनके 9 पेज के सुसाइड नोट का पता लगाया है। इस नोट में उन्होंने अपने जीवन के अंतिम समय में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अब उनके परिवार और करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
सुसाइड नोट में लगाए गए गंभीर आरोप और जातिगत भेदभाव का जिक्र
अपने अंतिम पत्र में पूरन कुमार ने 15 वर्तमान और पूर्व आईपीएस-आईएएस अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों ने उनके साथ अत्याचार किया और इस संबंध में उन्होंने उच्च अधिकारियों और गृह मंत्री को भी शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी और डीजीपी शत्रुजीत कूपर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का नाम भी इस संदर्भ में आया है।
पत्नी ने पोस्टमार्टम रुकवाने और आरोपियों की जवाबदेही की मांग की
सुसाइड के तुरंत बाद, उनकी आईएएस पत्नी अमनपीत पी कुमार ने विदेश दौरे से लौटते ही पति का पोस्टमार्टम रुकवाने का निर्णय लिया। उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में डीजीपी और रोहतक के एसपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया कि आरोपियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में जाति आधारित भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का उल्लेख किया है, जिसमें उन्होंने अपने बैचमेट मनोज यादव, पी.के. अग्रवाल और टी.वी.एस.एन. प्रसाद का नाम लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, 8 नवंबर 2024 को उन्होंने एक वरिष्ठ अधिकारी को फोन पर चेतावनी दी थी, और उनके साथ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग भी किया गया।











