हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार का दुखद आत्महत्या
हरियाणा पुलिस और प्रशासनिक क्षेत्र इस समय गहरे सदमे में है, जब 52 वर्षीय वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार ने अपने चंडीगढ़ स्थित आवास में आत्महत्या कर ली। उनके इस कदम ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। हाल ही में वह इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर तैनात थे, और उनकी सेवानिवृत्ति मई 2033 में होनी थी।
मामले की विस्तृत जानकारी और घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर लगभग 1:30 बजे हुई, जब सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन को सूचित किया गया कि वाई पूरन कुमार ने अपने घर में खुद को गोली मार ली है। पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को बेसमेंट के एक कमरे से बरामद किया। जांच में पता चला कि घटना स्थल से हथियार, फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक सबूत, साथ ही एक वसीयत और अंतिम नोट भी मिले हैं।
परिवार और वर्तमान स्थिति
कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार, जो खुद IAS अधिकारी हैं और हरियाणा सरकार में विदेश सहयोग विभाग की प्रमुख हैं, उस समय जापान में मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व वाली डेलीगेशन का हिस्सा थीं। वे आज बुधवार को चंडीगढ़ लौटेंगी, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उनके निधन से परिवार में शोक की लहर है, और उनके दो बेटियां भी इस सदमे से गुजर रही हैं।
संबंधित विवाद और जांच की दिशा
वाई पूरन कुमार ने अपने करियर में कई बार शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिनमें IAS और IPS अधिकारियों के पदों पर एक साथ बने रहने, वाहन आवंटन में भेदभाव और जातिगत आधार पर उत्पीड़न जैसे मुद्दे शामिल हैं। हाल ही में रोहतक में एक शराब ठेकेदार ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए एक पुलिस कॉन्स्टेबल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कुमार के रेंज IG रहते हुए संलिप्तता का संदेह जताया गया।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
हरियाणा कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवार ने इस मामले में ज्यूडिशियल जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि एक IPS अधिकारी, जिनकी पत्नी IAS अधिकारी हैं, इस तरह के हालात का सामना कर रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि सिस्टम कितना कठोर और असहनीय हो सकता है। कुमार की शिकायतें 2020 से लंबित थीं, जो इस बात का संकेत हैं कि मामला गंभीर था। सरकार को निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करानी चाहिए।
वाई पूरन कुमार के पीछे उनकी दो बेटियां और पत्नी हैं, जो इस दुखद घटना से गहरे सदमे में हैं। यह घटना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए भी एक बड़ा झटका है।











