इंडिगो फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट के रद्द होने का असर हजारों यात्रियों पर पड़ा है। हरियाणा के रोहतक जिले के मायना गांव में रहने वाले पंघाल परिवार को भी इस असुविधा का सामना करना पड़ा। फ्लाइट के अचानक रद्द होने के कारण उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई।
पिता-पुत्र का अनूठा निर्णय और साहसिक यात्रा
मायना गांव के युवा अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज आशीष चौधरी पंघाल इंदौर के डेली कॉलेज में 12वीं कक्षा के छात्र हैं। इन दिनों वे परीक्षा से पहले कुछ दिनों की छुट्टी पर घर आए थे। 6 दिसंबर को एक सम्मान समारोह था, जिसमें उन्हें सम्मानित किया जाना था, साथ ही उनकी प्री-बोर्ड परीक्षा 8 दिसंबर से शुरू होनी थी। दोनों कार्यक्रमों में समय पर पहुंचने के लिए दिल्ली से इंदौर की इंडिगो फ्लाइट पहले से बुक थी।
6 दिसंबर को उनके पिता, खेल प्रेरक और अधिवक्ता राजनारायण पंघाल, उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ने पहुंचे। परिवार पूरी तैयारी के साथ एयरपोर्ट पहुंचा, लेकिन वहां उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। इंदौर जाने वाली फ्लाइट अचानक रद्द हो गई थी, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई। न केवल सम्मान समारोह में भाग नहीं ले पाएंगे, बल्कि परीक्षा का भी खतरा मंडरा रहा था।
साहस और समर्पण का उदाहरण: पिता का लंबा सफर
स्थानीय स्टेशन पर जाकर ट्रेन में सीट की कोशिश की गई, लेकिन इंदौर के लिए सीट मिलना मुश्किल था। इस स्थिति में पिता ने तुरंत ही बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि चाहे फ्लाइट रद्द हो या ट्रेन में सीट न मिले, वे अपने बेटे को समय पर इंदौर पहुंचाएंगे। दिल्ली से इंदौर की दूरी लगभग 800 किलोमीटर है, जिसे सामान्यतः 12 से 14 घंटे में तय किया जाता है।
पिता ने उसी शाम कार स्टार्ट की और रातभर लगातार ड्राइव करते रहे। कठिनाइयों और थकान को नजरअंदाज कर उन्होंने लंबी दूरी की यात्रा पूरी की, ताकि बेटे की परीक्षा न छूटे। सुबह होते ही वे आशीष के साथ समय पर इंदौर पहुंच गए। राजनारायण पंघाल ने कहा कि फ्लाइट रद्द होने की खबर ने हमें हिला दिया था, लेकिन बेटे के भविष्य के लिए उन्होंने रातभर ड्राइव करने का फैसला किया। अंततः वे समय पर पहुंच गए, जो उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।











