हरियाणा में सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षक संकट
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के लगभग 14 हजार सरकारी स्कूलों में 30 हजार से अधिक शिक्षक पद खाली पड़े हैं। इन स्कूलों में से अधिकांश में स्थायी हेडमास्टर की भी कमी है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर एक ही शिक्षक सैकड़ों बच्चों को पढ़ा रहा है, जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
शिक्षक और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
अनुराग ढांडा ने सवाल उठाया कि जब 70 से 75 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में स्थायी चौकीदार भी नहीं हैं, और कई जगह एक ही चौकीदार को दो या तीन स्कूलों की जिम्मेदारी दी गई है, तो फिर सरकार अध्यापकों पर इतना दबाव क्यों डाल रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को जानवरों और कुत्तों की समस्या की चिंता है, तो हर स्कूल और कॉलेज में पालतू जानवरों की निगरानी के लिए सरकारी स्टाफ क्यों नहीं नियुक्त किया जाता।
शिक्षा और बच्चों के भविष्य का खतरा
ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को तय करना चाहिए कि हरियाणा में अध्यापक पढ़ाएं या जानवरों की सुरक्षा करें। बीजेपी सरकार ने अध्यापकों को बीएलओ, चौकीदार और अब कुत्तों का रखवाला बनाकर शिक्षक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। यह निर्णय न केवल शिक्षकों का अपमान है, बल्कि लाखों बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इस कार्य के लिए नई सरकारी भर्ती निकाली जाए और अध्यापकों का सम्मान तुरंत बहाल किया जाए। शिक्षा को बोझ समझने और अध्यापकों को मजदूर की तरह देखने वाली सोच हरियाणा की जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी।











