गुरुग्राम में साइबर ठगी के दो नाइजीरियन आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम में साइबर अपराध के तहत दो नाइजीरियन नागरिकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इन व्यक्तियों ने खुद को एक कंपनी के निदेशक के रूप में प्रस्तुत कर कर्मचारियों से लगभग दस लाख रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपियों ने वॉट्सऐप के माध्यम से नकली पहचान बनाकर कर्मचारियों का विश्वास जीता और फिर उनसे पैसे ट्रांसफर कराए।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की पहचान
यह कार्रवाई साइबर क्राइम ईस्ट थाने की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओजो उयोसा और जेम्स के रूप में हुई है। दोनों को 31 जनवरी को नाथूपुर गांव क्षेत्र से पकड़ लिया गया। जांच में पता चला कि आरोपी वॉट्सऐप पर कंपनी के निदेशक बनकर कर्मचारियों से संपर्क करते थे और तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते थे। कर्मचारी झांसे में आकर बताए गए बैंक खातों में रकम भेज देते थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की जांच
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। अब फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि इस गिरोह के अन्य लिंक और संबंधित मामलों का पता लगाया जा सके। पूछताछ में उयोसा ने बताया कि दोनों ने मिलकर कंपनी के कर्मचारियों से करीब दस लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जिस बैंक खाते में रकम ट्रांसफर हुई, उसके खिलाफ पहले से ही दो साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं।
वीजा रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि उयोसा 2014 में स्टूडेंट वीजा पर भारत आया था, जबकि जेम्स 2023 में टूरिस्ट वीजा पर भारत पहुंचा था। पुलिस अब इन दोनों की भारत में गतिविधियों और ठहरने के स्थान की भी जांच कर रही है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे भी नए खुलासे होने की संभावना है।











