गुरुग्राम में राधिका यादव हत्याकांड का खुलासा
गुरुग्राम के एक प्रतिष्ठित इलाके में हुई राधिका यादव की हत्या के मामले में कोर्ट में प्रस्तुत चार्जशीट ने सभी को चौंका दिया है। यह 254 पेज की रिपोर्ट मुख्य रूप से राधिका के पिता दीपक यादव को एकमात्र आरोपी के रूप में चिन्हित करती है। जांच में पता चला है कि दीपक यादव ने अपनी बेटी की हत्या झूठी मान-मर्यादा की रक्षा के नाम पर की।
हत्या का कारण और पिता का कबूलनामा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि दीपक यादव ने अपनी बेटी को तीन गोलियां मारकर उसकी जान ले ली। पिता ने स्वीकार किया कि गांव के लोग उसकी बेटी की कमाई और चरित्र पर सवाल उठाते थे, जिससे उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती थी। इस तनाव के कारण ही उसने अपनी बेटी की हत्या कर दी।
पिता और बेटी के बीच तनाव का इतिहास
जांच में यह भी पता चला है कि पिता और बेटी के बीच लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। दीपक अक्सर राधिका को बाहर जाने या कोचिंग से रोकता था, जिससे दोनों के बीच झगड़े होते रहते थे। इसके अलावा, पिता ने राधिका से उसके इंस्टाग्राम अकाउंट को डिलीट करने को भी कहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिता का यह व्यवहार धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था, और यह हत्या इसी तनाव का परिणाम थी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने इस मामले में कुल 35 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें परिवार के सदस्य, पड़ोसी और अन्य संदिग्ध शामिल हैं। चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि राधिका अपनी पढ़ाई और खेलकूद में काफी सक्रिय थी, लेकिन उसे कोचिंग और प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोका जा रहा था।
यह घटना गुरुग्राम के पॉश सुशांत लोक इलाके की तीन मंजिला कोठी में 10 जुलाई को सुबह करीब 10:30 बजे हुई थी। उस दिन अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। राधिका के चाचा तुरंत ऊपर पहुंचे और देखा कि वह खून से लथपथ फर्श पर पड़ी है, उसके पास पिता की लाइसेंसी पिस्टल भी थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह मामला अब कोर्ट में है और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।











