गुरुग्राम में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया
गुरुग्राम में एक लैब टेक्नीशियन को फंसाकर उसकी नग्न वीडियो बनाने और फिर ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस जालसाजी में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने झूठे रेप के आरोप लगाकर पीड़ित से लाखों रुपये की फिरौती वसूली की। इस घटना में पुलिस ने 1.63 लाख रुपये, एक स्कॉर्पियो (Scorpio) और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
ब्लड सैंपल लेने के बहाने रची गई साजिश
पुलिस के अनुसार, पीड़ित लैब टेक्नीशियन को महिला ने फिर से मिलने के लिए अपने फ्लैट पर बुलाया। 2 मार्च को जब वह फिर से महिला का ब्लड सैंपल लेने उसके घर पहुंचा, तो वहां अचानक दो युवक अंदर घुस आए। इन युवकों ने उसके साथ मारपीट की और उसके कपड़े उतरवाकर उसकी नग्न वीडियो बना ली। इसके बाद आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और झूठे रेप के आरोप लगाकर उससे पैसे ऐंठ लिए। आरोपियों ने उसे स्कॉर्पियो में बिठाकर अलग-अलग जगह भी ले गए और धमकियां दीं।
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार और जांच जारी
पीड़ित की शिकायत के आधार पर सेक्टर-37 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने राजस्थान के अलवर (Alwar) निवासी हरीश यादव उर्फ मोनू, महेंद्रगढ़ (Mahendragarh) के श्याम सुंदर उर्फ अशोक और गुरुग्राम के ताजनगर निवासी ज्योति को गिरफ्तार किया। इन तीनों की उम्र लगभग 24 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने इन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
आरोपियों की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) के माध्यम से पहचान हुई थी। इसके बाद उन्होंने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 63 हजार रुपये, घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। आगे की जांच जारी है।











