गुरुग्राम में वसूली और ठगी का सनसनीखेज मामला
हरियाणा के गुरुग्राम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसमें पुलिस भी सुरक्षित नहीं रह गई है। यहां दो ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से अवैध रूप से पैसे वसूल रहे थे। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
फर्जी अधिकारी बनकर पुलिसकर्मियों से वसूली का खेल
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला तब उजागर हुआ जब मेफील्ड गार्डन ट्रैफिक सिग्नल पर तैनात एक जोनल ऑफिसर ने इन आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों ने 15 अक्टूबर की शाम को एक कार में पहुंचकर खुद को विजिलेंस अधिकारी बताते हुए उसे ड्यूटी से हटाकर पास के पुलिस बूथ तक ले गए। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ शिकायतें आई हैं। जब अधिकारी ने शिकायत का विवरण पूछा, तो आरोपियों ने बाद में व्हाट्सऐप कॉल पर बात करने का निर्देश दिया। उसी रात दोनों ने धमकी भरे वीडियो भेजकर पैसे की मांग की। जब अधिकारी ने इनकी मांग को अस्वीकार कर दिया, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके नेटवर्क का खुलासा
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने एनसीआर के विभिन्न इलाकों में कुल सात वारदातें की हैं। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी एक संगठित रैकेट का हिस्सा थे, जो सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाकर वसूली की कोशिश करता था। नितिन पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुरुग्राम में दुष्कर्म, चोरी और आर्म्स एक्ट जैसे कई मामले दर्ज हैं, जबकि दीपक भी दो मामलों में आरोपी है। पुलिस इन दोनों के पुराने मामलों और नेटवर्क की जांच कर रही है, जिसमें नकली पहचान पत्र, कार और धमकी भरे वीडियो का इस्तेमाल कर सरकारी अधिकारियों को डराने का प्रयास किया जाता था।











