गाय को नॉन-वेज खिलाने का मामला: आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम में एक युवक को गाय को नॉन-वेज मोमोज खिलाने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो के कारण सामने आई, जिसमें आरोपी वीडियो बनाकर साझा कर रहा था। इस घटना के खिलाफ आपत्ति जताने के बाद उसके घर पहुंचकर पांच युवकों ने मारपीट की, जिन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग FIR दर्ज की है।
गाय को नॉन-वेज मोमोज खिलाने का मामला और पुलिस की कार्रवाई
सेक्टर-56 थाना गुरुग्राम में धारा 299 और 325 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की पहचान 29 वर्षीय रितिक के रूप में हुई है, जो न्यू कॉलोनी का निवासी है। रितिक यूट्यूब पर वीडियो बनाता है और उसने बताया कि वह हुड्डा मार्केट में लाइव मोमोज खाने का मुकाबला कर रहा था। तभी एक व्यक्ति ने वीडियो में पीछे खड़ी गाय को मोमोज खिलाने की चुनौती दी, जिसे उसने बिना सोचे समझे स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसने नॉन-वेज मोमोज खिला दिए और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी, जो तेजी से वायरल हो गई। पुलिस ने रितिक को गिरफ्तार कर उसके मोबाइल फोन को जब्त किया है, जिससे वीडियो शूट और अपलोड किया गया था। यह कार्रवाई धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में सख्ती का संकेत है।
गाय को नॉन-वेज खिलाने के बाद हिंसक प्रतिक्रिया और गिरफ्तारी
रितिक की इस हरकत से नाराज होकर कुछ युवक उसके घर पहुंच गए और उसके साथ मारपीट की। इस मामले में न्यू कॉलोनी थाने में धारा 115, 190, 191(2), 351(2) BNS के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मारपीट करने वाले पांच युवकों को भी गिरफ्तार किया है। इन युवकों की पहचान पटेल नगर के चमन खटाना (45), बार गुर्जर का रोहित (29), बुलंदशहर (वर्तमान में गुरुग्राम) का ललित (25), ज्योति पार्क का तेशव (22) और न्यू पालम विहार का आयुष्मान (20) के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे रितिक की हरकत से गुस्से में थे और वीडियो बनाते हुए उसे सबक सिखाने पहुंचे थे।
कानून का सम्मान और सोशल मीडिया पर सतर्कता का संदेश
गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में नागरिकों को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। चाहे अपराध कितना भी बड़ा क्यों न हो, कार्रवाई केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी। दोनों मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना सोशल मीडिया की लापरवाही, धार्मिक भावनाओं और भीड़-मानसिकता से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करती है, जो समाज में जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।











