हरियाणा आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार से जुड़ा मामला अभी भी अनसुलझा
अक्टूबर 2025 में चंडीगढ़ में अपने घर में आत्महत्या करने वाले हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार से संबंधित मामले में अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई है। राजस्थान में चंडीगढ़ के सेक्टर 30/ए स्थित श्री गुरु रविदास गुरुद्वारे में रविवार को वाई पूरन कुमार न्याय संघर्ष मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता एडवोकेट ओ.पी. इंदल ने की, जो शाम 4:00 से 5:40 बजे तक चली। समिति ने दिवंगत आईपीएस अधिकारी को शहीद का दर्जा देने और सभी संबंधित सम्मान एवं लाभ प्रदान करने की पुनः मांग की है।
मामले में निष्पक्ष जांच और सरकारी सहायता की जोरदार मांग
बैठक में यह भी कहा गया कि मृतक अधिकारी की बड़ी बेटी को एचसीएस या डीएसपी स्तर की सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही, हरियाणा सरकार में कार्यरत उनकी पत्नी के लिए केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति या बेहतर कार्य वातावरण की भी सिफारिश की गई। इस दौरान, हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। समिति ने आरोप लगाया कि अभी तक सीआरपीसी की धारा 173 के तहत किसी भी आरोपी को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया गया है, जिससे न्याय प्रक्रिया में बाधा आ रही है। समिति ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था पर चिंता जताई गई
मीटिंग में यह भी चर्चा हुई कि यूजीसी विनियम-2026 पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। समिति ने सरकार से आग्रह किया कि संसद के माध्यम से इन प्रावधानों को पुनः लागू किया जाए ताकि एससी/एसटी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को लाभ मिल सके। यदि परिवार की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो मोर्चा अपने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। समिति ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा दिए गए पुराने आश्वासनों के बावजूद अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकले हैं, जिससे परिवार और सदस्यों में भारी असंतोष व्याप्त है।










