हरियाणा में ADGP वाई पूरन कुमार सुसाइड के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
हरियाणा में ADGP वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस घटना के मद्देनजर प्रशासन ने उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। विशेष रूप से उनकी पत्नी और IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है।
सुरक्षा के लिए स्थायी सुरक्षा बूथ का निर्माण
अमनीत कुमार ने हाल ही में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की थी और इसकी लिखित शिकायत भी दर्ज कराई थी। इस संदर्भ में प्रशासन ने उनके घर के बाहर एक स्थायी सुरक्षा बूथ स्थापित किया है। इस बूथ में हरियाणा पुलिस के जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सुरक्षा निगरानी में स्थानीय और विशेष शाखा के अधिकारी
सूत्रों के अनुसार, इस सुरक्षा व्यवस्था में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ विशेष शाखा के अधिकारी भी निगरानी करेंगे। पुलिस के जवान पूरे दिन और रात तैनात रहेंगे, जिससे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पुलिस अधिकारी का कहना है कि परिवार को पूरी सुरक्षा दी जा रही है और क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ा दी गई है। यदि आवश्यक हुआ, तो सुरक्षा स्तर और भी बढ़ाया जा सकता है।
अमनीत कुमार ने अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई
इस बीच, अमनीत कुमार ने हरियाणा के DGP और कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके बच्चों को खतरा है, इसलिए तुरंत सुरक्षा प्रदान की जाए। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।
आत्महत्या नोट और परिवार की सुरक्षा की मांग
दिवंगत वाई पूरन कुमार की पत्नी ने सेक्टर-11 पुलिस थाने में एक नया आवेदन दिया है। इसमें उन्होंने मांग की है कि उनके पति के आत्महत्या नोट में जिन अधिकारियों के नाम लिखे गए हैं, उन्हें संदिग्ध कॉलम में शामिल किया जाए। अमनीत कौर का कहना है कि इन नामों को केवल औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि वास्तविक संदिग्ध के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए।
पोस्टमार्टम और जांच की स्थिति
परिवार ने अभी तक दिवंगत आईपीएस अधिकारी का पोस्टमार्टम नहीं करवाया है, जिससे चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। फिलहाल, उनका शव सेक्टर-16 अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ है। इस मामले की जांच के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने छह सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है, जिसका नेतृत्व आईजी चंडीगढ़ पुष्पेंद्र कुमार कर रहे हैं।
टीम में एसएसपी चंडीगढ़ कनवदीप कौर, एसपी सिटी केएम प्रियंका, डीएसपी ट्रैफिक चरणजीत सिंह विर्क, एसडीपीओ साउथ गुरजीत कौर और थाना सेक्टर-11 के एसएचओ जयवीर सिंह राणा शामिल हैं। यह टीम मामले की हर पहलू से गहराई से जांच करेगी ताकि सच्चाई का पता चल सके।











