रोहतक में जर्जर खेल सुविधाओं ने युवा खिलाड़ी की जान ली
हरियाणा के रोहतक शहर में 16 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक की दुखद मौत जंग खाई हुई पोल गिरने से हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वह अभ्यास कर रहा था। कोच के अनुसार, पोल की खराब स्थिति के बारे में पहले भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया। इस घटना ने खेल विभाग की लापरवाही और खराब इन्फ्रास्ट्रक्चर की गंभीर समस्या को उजागर किया है।
खराब संरचना और उपेक्षा का परिणाम
कोच संदीप ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन को पोल की स्थिति के बारे में सूचित किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “हमने एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को खो दिया है।” यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि खेल सुविधाओं की उपेक्षा कितनी गंभीर है। दो दिन पहले ही बहादुरगढ़ में भी ऐसा ही हादसा हुआ था, जिससे पता चलता है कि यह समस्या पूरे क्षेत्र में व्याप्त है।”
खेल सुविधाओं की स्थिति और सुधार की आवश्यकता
मौके पर मौजूद टीम ने पास ही एक पुरानी बिल्डिंग भी देखी, जिसे स्थानीय खिलाड़ी जिम के रूप में उपयोग करते हैं। उसकी छत की स्थिति देखकर स्पष्ट था कि वहां भी ‘सीमेंट कैंसर’ फैल चुका है और सरिया बाहर आ चुकी है। कोचों का कहना है कि यह इमारत भी कभी भी गिर सकती है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया। खिलाड़ी बताते हैं कि उन्हें दूर के स्टेडियम में अभ्यास करने को कहा जाता है, लेकिन रोजाना जाना संभव नहीं है। इसलिए, वे मजबूरन इन खतरनाक सुविधाओं में अभ्यास करते हैं। हार्दिक की मौत के बाद, खिलाड़ी और कोच खेल विभाग से तत्काल सुधार की मांग कर रहे हैं ताकि ऐसी त्रासदी फिर न हो।











