राष्ट्रपति मुर्मू का गुजरात दौरा: धार्मिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का समागम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह गुजरात का तीसरा दौरा है, जो उनके पिछले दौरे से अलग है। इससे पहले जून 2024 में वह साबरमती आश्रम के पुनर्निर्माण कार्य में भाग ले चुकी हैं। इस बार उनके कार्यक्रम में आध्यात्मिक, शैक्षणिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विविध पहलुओं को शामिल किया गया है।
गुजरात में उनके इस दौरे का उद्देश्य राज्य के सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहलुओं को बढ़ावा देना है। राष्ट्रपति का यह दौरा राज्य की 100वीं विद्यापीठ दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेने के साथ-साथ धार्मिक स्थलों का दर्शन करने का भी अवसर प्रदान करेगा।
द्वारका से अहमदाबाद की यात्रा और महात्मा गांधी का स्मरण
शनिवार को सुबह राष्ट्रपति मुर्मू द्वारका में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगी और दोपहर में अहमदाबाद के लिए रवाना होंगी। वहां वह गुजरात विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी, जो महात्मा गांधी द्वारा स्थापित इस विश्वविद्यालय की 100वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।
यह दौरा गुजरात के धार्मिक और शैक्षणिक इतिहास को समर्पित है, जिसमें राष्ट्रपति का भाग लेना राज्य की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है। इस दौरान वह स्थानीय समुदाय के साथ संवाद भी स्थापित करेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक आयोजन
गुजरात सरकार ने राष्ट्रपति के स्वागत के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। राज्य के सभी जिलों में यातायात और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय और विशेष सुरक्षा समूह (SPG) की टीम भी इस दौरे में शामिल है।
राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान राजकोट, गिर और द्वारका में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इन आयोजनों का उद्देश्य गुजरात की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा देना है।











