गुजरात में मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान कर्मचारी की मृत्यु
गुजरात में मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान के दौरान एक कर्मचारी की दुखद मौत की खबर सामने आई है। जम्बूडी गांव (Jambudi Village) के निवासी और नवापुरा प्राथमिक विद्यालय (NavaPura Primary School) में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत रमेशभाई परमार (Rameshbhai Parmar) का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के रूप में तैनात थे। परिवार का आरोप है कि लगातार बढ़ते कार्यभार और लंबी दूरी की यात्रा ने उनकी जान ले ली।
रमेशभाई परमार की मौत का कारण और परिवार का आरोप
परिवार का कहना है कि रमेशभाई परमार मंगलवार की रात मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्य से घर लौट रहे थे। अत्यधिक थकान के कारण उन्होंने भोजन भी नहीं किया और तुरंत ही सो गए। सुबह जब वे नहीं उठे तो परिजन उन्हें तुरंत बायड (Baid) स्थित एक निजी अस्पताल (Private Hospital) ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार का दावा है कि रमेशभाई पिछले पंद्रह दिनों से तनाव में थे। उनकी ड्यूटी के तहत उन्हें रोजाना लगभग 94 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी। उनका कार्यस्थल स्कूल से 48 किलोमीटर दूर था। लगातार यात्रा, कार्य का दबाव और मानसिक तनाव ने उनकी मौत का कारण बना।
मामले का प्रभाव और सरकारी प्रतिक्रिया
रमेशभाई परमार की मृत्यु से स्कूल के शिक्षक, छात्र और ग्रामीण समुदाय गहरे सदमे में हैं। स्कूल में शोक का माहौल व्याप्त है। अभी तक जिला शिक्षा अधिकारी (District Education Officer) और जिला चुनाव अधिकारी (District Election Officer) की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
लोगों का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है, जो कई बार स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरों को जन्म दे सकता है। यह मामला इस बात को उजागर करता है कि कार्यभार और कार्यस्थल की चुनौतियों का प्रभाव कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।











