उत्तर भारत में सर्दी का आगमन और तापमान में गिरावट
उत्तर भारत में सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे अपने कदम बढ़ाने लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण मैदानी इलाकों का तापमान घटने लगा है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सुबह और शाम के समय गलाबी ठंड का अनुभव होने लगा है, जिससे ठंड का एहसास बढ़ गया है। साथ ही, सर्दियों की शुरुआत के साथ ही दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर भी चिंता का विषय बन गया है।
वायु गुणवत्ता में गिरावट और प्रदूषण नियंत्रण के कदम
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब होने लगी है। पिछले तीन दिनों से दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 से ऊपर बना हुआ है, जो कि खराब श्रेणी में आता है। सुबह आठ बजे के ताजा आंकड़ों के अनुसार, AQI 237 के साथ दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है। आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
GRAP-1 के तहत लागू हुई पाबंदियां और मौसम का पूर्वानुमान
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेप-1 (GRAP-1) की पाबंदियों को लागू कर दिया गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिवाली से पहले ही 17 और 18 अक्टूबर को दिल्ली के आसमान में हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। इसके बाद 19 और 20 अक्टूबर को हल्का कोहरा छाने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली-एनसीआर में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आया है। अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम 17 से 18 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर तक आसमान साफ रहने की संभावना है, लेकिन सुबह के समय धुंध की मौजूदगी बनी रह सकती है। साथ ही, 21 अक्टूबर को उमस के साथ गरज और हल्की बूंदाबांदी की भी संभावना है।









