दिल्ली के नए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू नियुक्त
राष्ट्रपति के आदेश पर दिल्ली में उपराज्यपाल पद में बदलाव किया गया है। पूर्व भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू को राजधानी का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान उपराज्यपाल वीके सक्सेना को लद्दाख (Ladakh) भेजा गया है। संधू का नाम लंबे समय से कूटनीतिक क्षेत्र में जाना जाता है, और उन्होंने अमेरिका (USA) में भारत के राजदूत के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
तरनजीत सिंह संधू का कूटनीतिक करियर और अनुभव
तरनजीत सिंह संधू ने फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका (United States) में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया। इससे पहले, उन्होंने जुलाई 2013 से जनवरी 2017 तक वाशिंगटन (Washington) में भारतीय दूतावास में उप मिशन प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली। 1997 से 2000 के बीच, वह प्रथम सचिव (राजनीतिक) के पद पर भी रहे, जहां उन्हें अमेरिकी कांग्रेस (US Congress) के साथ संपर्क स्थापित करने का कार्य सौंपा गया था। 63 वर्षीय इस अनुभवी राजनयिक ने जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में भारत के स्थायी मिशन में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
वर्तमान उपराज्यपाल वीके सक्सेना का कार्यकाल और नई नियुक्ति
विके सक्सेना लगभग चार वर्षों तक दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में कार्यरत रहे। इस दौरान, उन्होंने आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) सरकार के साथ कई बार प्रशासनिक और शासन से जुड़े मुद्दों पर टकराव किया। सक्सेना का जन्म 67 वर्ष पूर्व हुआ था, और उन्होंने 26 मई 2022 को इस पद का कार्यभार संभाला था। उस समय, उन्होंने राज निवास तक सीमित रहने के बजाय दिल्ली की सड़कों पर सक्रिय रहने का वादा किया था। अब, उन्हें लद्दाख (Ladakh) का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नए उपराज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा, ‘तरनजीत सिंह संधू जी का हार्दिक अभिनंदन। उनके लंबे कूटनीतिक अनुभव का लाभ दिल्ली की जनता को मिलेगा, और हम उनके मार्गदर्शन में प्रगति की ओर बढ़ेंगे।’ इस नियुक्ति से राजधानी में नई उम्मीदें जगी हैं।










