दिल्ली के सीलमपुर में गैंगवार में युवक की हत्या
उत्तर-पूर्व दिल्ली के सीलमपुर क्षेत्र में गुरुवार रात को हुई गोलीबारी में 22 वर्षीय युवक मिस्बाह की सरेराह हत्या कर दी गई। यह घटना जामा मस्जिद के पास हुई, जहां हमलावरों ने मिस्बाह पर लगभग 20 राउंड फायरिंग की, जिसमें उसकी 15 गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उसे तुरंत जगप्रवेश चंद्र अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मिस्बाह का आपराधिक इतिहास और गैंगवार का कारण
पुलिस के अनुसार, मृतक मिस्बाह जाफराबाद का निवासी था और पिछले दो वर्षों से कुख्यात हाशिम बाबा गैंग से जुड़ा हुआ था। इससे पहले वह छेनू गैंग का सदस्य था, लेकिन दोनों गिरोहों के बीच मनमुटाव के कारण उसने हाशिम बाबा गैंग का साथ पकड़ लिया। इस वजह से दोनों गिरोहों के बीच रंजिश गहरी हो गई थी। पुलिस का मानना है कि मिस्बाह की हत्या छेनू गैंग के बदले की कार्रवाई का हिस्सा हो सकती है।
हत्या का संदिग्ध मकसद और जांच प्रक्रिया
मिस्बाह पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट सहित सात से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वह जुलाई में वेलकम इलाके के डबल मर्डर केस से जमानत पर बाहर आया था। घटना के समय वह अपने इलाके में घूम रहा था, तभी अचानक हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड में तीन से पांच हमलावर शामिल थे, जिन्होंने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। पुलिस को शक है कि यह घटना गैंग रंजिश का परिणाम है, और हमलावरों ने पहले से ही इलाके की रैकी की थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश में कई टीमें लगी हुई हैं। तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।











