77वें गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन कर्तव्य पथ पर
हर वर्ष की तरह इस बार भी 77वां गणतंत्र दिवस समारोह देश के प्रमुख स्थल कर्तव्य पथ (India Gate) पर धूमधाम से मनाया जाएगा। इस बार का आयोजन विशेष रूप से ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्षों की स्मृति में किया जा रहा है, जिसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिलेगा। इस समारोह में यूरोपीय संघ (European Union) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे।
विशेष झांकियों और सैन्य परेड का आकर्षण
गणतंत्र दिवस की परेड में भारत की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें नई इकाइयों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए जाएंगे। लगभग 100 सांस्कृतिक कलाकार ‘विविधता में एकता’ विषय पर आधारित परेड में भाग लेंगे। इसके अलावा, 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17V5 हेलीकॉप्टर फूलों की वर्षा करेंगे। इस बार परेड का नेतृत्व परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार करेंगे, जो दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग हैं। साथ ही, देश के वीरता पुरस्कार विजेताओं को भी इस समारोह का हिस्सा बनाया जाएगा।
सामरिक और सांस्कृतिक झांकियों का विशेष महत्व
गणतंत्र दिवस पर पहली बार भारतीय सेना का ‘बैटल ऐरे फॉर्मेट’ प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें हवाई घटक भी शामिल होंगे। स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और इसके सशस्त्र संस्करण रुद्र, प्रहार फॉर्मेशन में युद्धक्षेत्र की रणनीति का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही, तीनों सेनाओं की झांकियों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल हुई प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल दिखाए जाएंगे। नौसेना की झांकी ‘मजबूत राष्ट्र के लिए मजबूत नौसेना’ की थीम पर आधारित होगी, जिसमें समुद्री शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा। कुल मिलाकर, कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकाली जाएंगी, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 मंत्रालयों की झांकियां शामिल हैं। इन झांकियों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्षों का जश्न और देश की प्रगति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। लगभग 2500 सांस्कृतिक कलाकार विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से परफॉर्म करेंगे।










