दिल्ली के लाल किला के पास कार धमाके में जानें गईं 10 से अधिक लोग
सोमवार शाम दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट एक कार में हुए विस्फोट में कम से कम दस लोगों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस घटना में एक परिवार की किस्मत ने उन्हें मौत के मुँह से बाहर निकाला, क्योंकि उनके परिवार के सदस्य उस समय उसी रास्ते से गुजर रहे थे।
परिवार की कहानी और धमाके का संदर्भ
निर्मित और करुणा सलूजा, जिनके पिता लालचंद की 2005 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट में मृत्यु हो चुकी है, उस समय अपने घर लौट रहे थे। धमाके से कुछ ही मिनट पहले, दोनों भाई-बहन उसी मार्ग से अपनी कार में गुजर रहे थे। वे पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी में एलआईसी कार्यालय से अपने पिता की बीमा पॉलिसी से संबंधित काम निपटाकर लौट रहे थे।
किस्मत का खेल और पिता की यादें
24 वर्षीय करुणा ने बताया कि हम कुछ ही मिनट पहले लाल किला रोड से निकले थे, तभी हमें एक रिश्तेदार का फोन आया कि धमाका हुआ है। हमें समझ नहीं आ रहा था कि हम कितनी बड़ी अनहोनी से बच गए। उनके पिता लालचंद सरोजिनी नगर में जूस की दुकान चलाते थे, और 2005 के सीरियल ब्लास्ट में उनकी जान चली गई थी। उस समय, उन्होंने अपने कर्मचारी बबलू के साथ एक संदिग्ध बैग देखा था, जिसे हटाने की कोशिश में बम फट गया।










