भारत-ईरान संकट पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार से सवाल
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री यह स्पष्ट कर सकते हैं कि क्या वह किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या को विश्व व्यवस्था का हिस्सा मानते हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर लिखा कि एकतरफा हमले, चाहे वह ईरान पर हो या फिर ईरान से जुड़े मध्य पूर्वी देशों पर, दोनों की कड़ी निंदा होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस समय चुप्पी भारत की वैश्विक स्थिति को कमजोर कर रही है।
ईरान की शीर्ष नेता की हत्या और क्षेत्र में बढ़ता तनाव
यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ईरान ने पुष्टि की है कि उसके सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) की अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए लक्षित हमलों में हत्या कर दी गई है। यह हमला शनिवार को हुआ था, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और भी बढ़ गया है। राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती शत्रुता पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र को व्यापक संघर्ष की ओर ले जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस टकराव का प्रभाव करोड़ों लोगों पर पड़ रहा है, जिनमें लगभग एक करोड़ भारतीय भी शामिल हैं, जो इस क्षेत्र में रहते या काम करते हैं।
भारत की विदेश नीति और मौजूदा स्थिति पर राहुल गांधी का रुख
राहुल गांधी ने कहा कि सुरक्षा संबंधी चिंताएं अपनी जगह सही हैं, लेकिन यदि हम संप्रभुता का उल्लंघन करने वाले हमलों को नजरअंदाज करेंगे, तो संकट और गहरा हो सकता है। उन्होंने दोहराया कि ईरान पर हुए एकतरफा हमलों और ईरान से जुड़े मध्य पूर्वी देशों पर किए गए हमलों दोनों की कड़ी निंदा होनी चाहिए। उनका मानना है कि हिंसा से हिंसा ही जन्म लेती है, और शांति का रास्ता संवाद और संयम से ही निकलता है। उन्होंने भारत से आग्रह किया कि वह नैतिक रूप से स्पष्ट रुख अपनाए, अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन करे और मानव जीवन की रक्षा के पक्ष में खुलकर बोले।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भारत की विदेश नीति सदैव संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित रही है, और इसे उसी दिशा में बनाए रखना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वह देश और दुनिया के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करें। इससे पहले कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता की लक्षित हत्या पर मोदी सरकार की चुप्पी न तो तटस्थता है, बल्कि जिम्मेदारी से बचने का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे भारत की विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।









