भारत-फिनलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी का विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने संयुक्त प्रेस वार्ता में अपने विचार व्यक्त किए। पीएम मोदी ने बताया कि 2026 की शुरुआत में हुए ऐतिहासिक भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से दोनों देशों के व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नई ऊर्जा आएगी। अब भारत और फिनलैंड अपने संबंधों को डिजिटलाइजेशन और सतत विकास के क्षेत्र में एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी के रूप में विकसित कर रहे हैं।
आधुनिक तकनीकों में सहयोग से बढ़ेगा व्यापार और आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि यह नई साझेदारी 6G टेलीकॉम, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्वच्छ ऊर्जा जैसे हाई-टेक सेक्टरों में सहयोग को प्रोत्साहित करेगी। इन क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास से न केवल तकनीकी प्रगति होगी, बल्कि निवेश और व्यापार के नए अवसर भी खुलेंगे। यह रणनीति दोनों देशों को तकनीकी रूप से अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शांति, कूटनीति और वैश्विक चुनौतियों का समाधान
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही ‘रूल ऑफ लॉ’ और संवाद में विश्वास रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलिट्री संघर्ष से किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है। चाहे वह यूक्रेन हो या पश्चिमी एशिया, दोनों देश संघर्ष की शीघ्र समाप्ति और शांति के प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे। साथ ही, दोनों देशों का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार आवश्यक है। आतंकवाद को हर रूप में समाप्त करने का भी दोनों का साझा संकल्प है।










