दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी का खुलासा
ग्लोबल ऊर्जा बाजार में ईरान-अमेरिका तनाव की खबरों के बीच भारत में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। देश में लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर भी गैस सिलेंडर नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं, जबकि सरकार का दावा है कि गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये सिलेंडर कहां जा रहे हैं और क्यों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कैसे चल रहा है गैस सिलेंडर का अवैध कारोबार?
आजतक की टीम ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर खुलासा किया कि बड़ी संख्या में सिलेंडर बिना बुकिंग स्लिप के ही बेचे जा रहे हैं। इन सिलेंडरों को झुग्गियों, घरों और दुकानों में जमा किया गया है, और महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। जांच में पता चला कि इन सिलेंडरों का अवैध कारोबार संगठित रूप से चल रहा है, जिसमें बिना वैध दस्तावेज के ही गैस की आपूर्ति की जा रही है।
नरेला, जसोला और संगम विहार में मिली अवैध गतिविधियां
दिल्ली के नरेला में एक घर से करीब 50 अवैध गैस सिलेंडर बरामद हुए, जो एक बड़े काले बाजार का हिस्सा प्रतीत होते हैं। यहां बिना वैध बुकिंग स्लिप के सिलेंडर बेचे जा रहे थे, और कुछ सिलेंडरों से गैस भी निकाली जा रही थी। इसी तरह जसोला विहार में भी कई सिलेंडर बिना रसीद के ही खुलेआम बेचे जा रहे थे, और एक डीलर ने 1500 रुपये में घरेलू सिलेंडर बेचने की बात स्वीकार की। संगम विहार में भी छोटे-छोटे दुकानदार अवैध रूप से सिलेंडर बेच रहे थे, जिनकी कीमत बाजार से अधिक थी। इन सिलेंडरों से गैस निकालकर अधूरा स्टॉक भी बनाया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।











