महाराष्ट्र के बारामती में विमान दुर्घटना का विस्तृत विवरण
महाराष्ट्र के बारामती में एक भीषण विमान हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना की जांच के लिए सरकारी एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हादसे से पहले क्रू के अंतिम शब्द थे “ओ शिट…”। यह वाक्यांश उनके अंतिम संवाद में सुना गया, जो इस दुर्घटना की गंभीरता को दर्शाता है।
जानकारी के अनुसार, यह विमान मुंबई से उड़ान भरकर बारामती एयरपोर्ट पर उतरने वाला था। विमान में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ दो क्रू सदस्य-कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट सांभवी पाठक-साथ ही सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली सवार थे। अधिकारियों के अनुसार, विमान रनवे के शॉर्ट ऑफ द थ्रेशोल्ड क्रैश हुआ, हालांकि यह एयरस्ट्रिप के भीतर ही था। इसका अर्थ है कि विमान एयरपोर्ट की सीमा के अंदर गिरा, लेकिन इतनी गंभीर दुर्घटना हुई कि तुरंत ही आग की लपटों में घिर गया।
दुर्घटना के कारण और जांच प्रक्रिया
बारामती एयरपोर्ट की ग्राउंड कंट्रोल सुविधा, जो शहर की दो निजी एविएशन अकादमियों-Redbird Aviation और Carver Aviation-के पायलट कैडेट्स द्वारा संचालित होती है, इस हादसे में मुख्य भूमिका निभाती है। DGCA के अधिकारियों ने बताया कि विमान ने दूसरे प्रयास में लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो दिया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, यह दूसरा प्रयास भी असफल रहा।
स्थानीय चश्मदीदों ने बताया कि जैसे ही विमान जमीन से टकराया, वह आग की लपटों में घिर गया। धमाकों की आवाजें और विस्फोट की गूंज पूरे क्षेत्र में सुनाई दी। घटनास्थल के पास मौजूद किसानों और स्थानीय लोगों ने कहा कि विमान पूरी तरह से जल चुका था, और दृश्य अत्यंत भयावह था। DGCA अधिकारी ने बताया कि विमान रनवे से बहुत कम दूरी पर गिरा, इसलिए दुर्घटना एयरस्ट्रिप के भीतर ही हुई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में लगी हैं कि लैंडिंग के समय मौसम, रनवे की स्थिति और पायलट के निर्णय क्या थे।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आगे की जांच
DGCA के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। क्रू के अंतिम शब्द “ओ शिट…” संकेत करते हैं कि पायलट को लैंडिंग के दौरान अचानक किसी कठिनाई का सामना करना पड़ा। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि एयरपोर्ट के ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम और रनवे की तैयारी में क्या खामियां थीं।
यह भी जांच का विषय है कि क्यों विमान की दूसरी लैंडिंग कोशिश असफल रही। DGCA ने बताया कि बारामती एयरपोर्ट पर आधुनिक लैंडिंग एड्स की कमी है। इस हादसे की जांच में स्थानीय अधिकारियों और निजी एविएशन अकादमियों के पायलट कैडेट्स भी सहयोग कर रहे हैं। DGCA ने घटनास्थल से सभी तकनीकी डेटा और वॉइस रिकॉर्डिंग को सुरक्षित कर लिया है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।











