मध्य पूर्व में तनाव के कारण हवाई यातायात पर प्रभाव
इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव की स्थिति लगातार बढ़ रही है। इस सैन्य अभियान में ईरान के प्रमुख नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबर ने विश्वभर में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। इस घटनाक्रम का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा है, जहां शनिवार को करीब 410 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
मध्य पूर्व में बढ़ते अस्थिरता के कारण भारतीय नागरिकों की संख्या भी प्रभावित हो रही है, जो एयरस्पेस बंद होने के कारण फंसे हुए हैं। इस स्थिति को देखते हुए एयर इंडिया ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अतिरिक्त कटौती का निर्णय लिया है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर रद्द हुईं उड़ानें और हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध
ईरान और आसपास के क्षेत्रों में जारी तनाव के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर भी असर पड़ा है। यहां अब तक कुल 100 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं, जिनमें से 60 प्रस्थान (डिपार्चर) और 40 आगमन (अराइवल) की उड़ानें हैं। हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध के चलते यह स्थिति बनी है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मध्य पूर्व में बदलते राजनीतिक हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के समय में भी बदलाव की संभावना है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान का ताजा स्टेटस जरूर जांच लें।
यात्रियों के लिए जारी एडवाइजरी और रद्द उड़ानों की जानकारी
यात्रा से पहले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फ्लाइट का नवीनतम स्टेटस जांचें, क्योंकि मध्य पूर्व में स्थिति के कारण उड़ानों में देरी या रद्दीकरण हो सकता है। इंडिगो ने भी घोषणा की है कि वर्तमान हालात को देखते हुए मध्य पूर्व के हवाई क्षेत्र से होकर जाने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन 2 मार्च 2026 तक स्थगित कर दिया गया है।
रद्द की गई उड़ानों की पूरी सूची देखने के लिए यात्री वेबसाइट goindigo.in/information/flight-cancellations.html पर जा सकते हैं। इस स्थिति में यात्रियों को अपने यात्रा योजनाओं में लचीलापन बनाए रखने की सलाह दी गई है।









