दिल्ली नगर निगम की सफाई कर्मचारियों के लिए नई पहल
दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम उन पात्र सफाई कर्मचारियों को स्थायी नौकरी देने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कदम का उद्देश्य इन कर्मचारियों को स्थायी रोजगार के सभी लाभ प्रदान करना है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।
शहर में हरियाली और जल प्रबंधन के नए कदम
बैठक में शहर के विभिन्न इलाकों में हरियाली बनाए रखने के लिए ट्रीटेड वेस्ट वाटर के उपयोग की योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत सुंदर नगरी, शास्त्री पार्क, आईपी एक्सटेंशन, लक्ष्मी नगर और आसपास के क्षेत्रों के नगर निगम पार्कों में उपचारित जल का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए मौजूदा पंप हाउस को पुनर्गठित कर स्लज ड्रेन से पानी की आपूर्ति की जाएगी। साथ ही, निगम ने श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों के बेहतर रखरखाव के लिए सामुदायिक संगठनों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। इन संगठनों में 24 गैर-सरकारी संगठन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और स्वयं सहायता समूह शामिल हैं, जिन्हें इन सुविधाओं का संचालन और संरक्षण का जिम्मा सौंपा जाएगा।
राजनीतिक विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का दौर
बैठक के दौरान राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला। मेयर राजा इकबाल सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ पार्षदों ने सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का प्रयास किया। इसके बावजूद, महत्वपूर्ण नागरिक मुद्दों पर चर्चा जारी रही। वहीं, आप के पार्षद और विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि वार्ड 140 की पार्षद ज्योति गौतम पर कथित हमले के मुद्दे पर चर्चा की मांग के बावजूद मेयर ने जल्दबाजी में एजेंडा पास कर बैठक स्थगित कर दी। साथ ही, सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण निरीक्षण के दौरान बीजेपी विधायक उमंग बजाज से जुड़े लोगों ने ज्योति गौतम के साथ बदसलूकी की और उनके कार्यकर्ता पर हमला किया। पार्टी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।










