दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और मौसम की चुनौतियां
दिल्ली में सर्दी की कड़कड़ाहट और प्रदूषण की गंभीर स्थिति ने शहर के जीवन को प्रभावित कर दिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इन हालात का कारण पश्चिमी विक्षोभ को बताया है, जो इस समय दिल्ली पर अपना प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कहा कि इस मौसम परिवर्तन के कारण हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें प्रमुख हैं प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम और सरकार की योजनाएं
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि सरकार ने ग्रैप-4 लागू करने के बाद से दो लाख बार से अधिक प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) जारी किए हैं। इनमें से करीब दस हजार का नवीनीकरण भी किया गया है। इसके साथ ही, सरकार ने तय किया है कि प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों को सील किया जाएगा। साथ ही, कुछ निजी कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम को लागू करने का आग्रह किया गया है। यदि कोई कंपनी इस दिशा में कदम नहीं उठाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मौसम की स्थिति और भविष्य की योजनाएं
मौसम विभाग के अनुसार, आज का प्रदूषण स्तर कल की तुलना में कम हुआ है, लेकिन अभी भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। सिरसा ने यह भी कहा कि सरकार अपने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो पहले विलुप्त हो चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार प्रदूषण के स्रोतों का पता लगाने में सक्षम है, लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल इस दिशा में अभी तक कोई कदम नहीं उठा सके हैं। दिल्ली में कोहरा और ठंड के साथ ही प्रदूषण की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है।










