दिल्ली नगर निगम उपचुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आगामी उपचुनाव से एक दिन पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) को एक महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचा है। वजीरपुर विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके (2015, 2020) और दिल्ली AAP के उपाध्यक्ष रहे राजेश गुप्ता ने भाजपा (BJP) में शामिल होने का फैसला किया है। उन्हें दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। इस दौरान, राजेश गुप्ता ने मीडिया के सामने अपने पार्टी छोड़ने के कारणों का खुलासा किया और भावुक होकर रो पड़े।
आम आदमी पार्टी छोड़ने के पीछे की वजहें और भाजपा में शामिल होने का कारण
राजेश गुप्ता ने कहा, “आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेता अब उन लोगों की परवाह नहीं करते, जिन्होंने अन्ना आंदोलन के समय उनका समर्थन किया था और अपनी नौकरियां तक छोड़ दी थीं। बहुत से कार्यकर्ता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, और मुझे लगता है कि उन्हें भी छोड़ देना चाहिए। यह आसान नहीं है, लेकिन उन्हें ऐसी जगह जाना चाहिए जहां उन्हें सम्मान मिले, एक ऐसी पार्टी जो अपने कार्यकर्ताओं का उपयोग कर फेंक न दे।” उन्होंने यह भी बताया कि वह पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके हैं।
पूर्व विधायक ने केजरीवाल पर लगाए गंभीर आरोप
राजेश गुप्ता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने वर्षों से उनके द्वारा पार्टी के लिए की गई मेहनत और दी गई सेवाओं की कद्र नहीं की। उन्होंने कहा, “आपको समझना होगा कि कई लोग आपको क्यों छोड़ रहे हैं। जिस व्यक्ति को आपने चुनाव का टिकट दिया था, वह अपने जन्मदिन का जश्न मना रहा था, जबकि आपके बच्चे संकट में थे। मैंने अपने बच्चों का जन्मदिन नहीं मनाया, फिर भी मैं आपके साथ खड़ा रहा। मैंने हर जगह आपका समर्थन किया, विधानसभा के गलियारों से लेकर टीवी तक। क्या यही मेरी वफादारी का मोल है?”
गुप्ता ने यह भी बताया कि उन्होंने इस साल दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी की टिकट वितरण से नाराज होकर कहा, “एक व्यक्ति जिसे केजरीवाल ने सीबीआई को वीडियो क्लिप शेयर करने के आरोप में हटाया था, उसे फिर से पार्टी में शामिल कर लिया गया और चुनाव का टिकट भी दे दिया गया। उसने महिलाओं और बच्चों के साथ बदसलूकी की, फिर भी आप ने उस पर भरोसा किया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी में उनकी 10 साल की मेहनत को नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि वह भाजपा (BJP) में इसलिए शामिल हुए क्योंकि यह अपने सबसे छोटे कार्यकर्ता का भी सम्मान करती है। “वह कार्यकर्ता भविष्य में मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री भी बन सकता है। मुझे पार्टी और देश में से किसी एक को चुनना था, इसलिए मैंने देश को चुना।”
वहीं, भाजपा में शामिल होने के बाद, सौरभ भारद्वाज (Saurabh Bharadwaj) ने कहा कि राजेश गुप्ता अपनी पत्नी के लिए पार्षद का टिकट मांग रहे थे। पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि वह टिकट नहीं दे सकती, जिसके कारण वह नाराज होकर भाजपा में शामिल हो गए। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने ही उन्हें चार बार विधायक बनने का मौका दिया था।
गौरतलब है कि 30 नवंबर को दिल्ली नगर निगम के 12 रिक्त वार्डों के लिए उपचुनाव होने हैं, जिसमें आम आदमी पार्टी का मुकाबला भाजपा से है।









