दिल्ली में प्रदूषण विरोधी प्रदर्शन में विवादित नारेबाजी और गिरफ्तारी
दिल्ली के इंडिया गेट पर आयोजित प्रदूषण विरोधी रैली अचानक ही विवादों में फंस गई, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने नक्सली कमांडर माडवी हिडमा के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। इस घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी और पुलिस से भिड़ंत हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए मिर्ची स्प्रे का इस्तेमाल किया और बैरिकेड तोड़ने के प्रयास में कई लोगों को हिरासत में लिया। इस घटना के बाद पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस पर हमला और प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने अचानक बैरिकेड तोड़कर सड़क पर बैठ गए, जिससे आपातकालीन सेवाएं जैसे एंबुलेंस फंस गईं। जब पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने चिली स्प्रे का प्रयोग कर पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें से एक कांस्टेबल इशांत की आंखों में मिर्ची स्प्रे लगने से स्थिति गंभीर हो गई। पुलिस ने इस घटना में लगभग 15 से 20 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है और अन्य संदिग्धों की पहचान CCTV और वीडियो फुटेज के माध्यम से की जा रही है।
प्रदर्शन में नक्सली पोस्टर और जांच का सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रदूषण के नाम पर आयोजित इस प्रदर्शन में अचानक नक्सली कमांडर हिडमा के पोस्टर और नारे कैसे शामिल हो गए। दिल्ली पुलिस ने इस पहलू की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि यह जरूरी है कि यह पता लगाया जाए कि कहीं किसी संगठित समूह ने प्रदर्शन को भटकाने या भड़काने की कोशिश तो नहीं की। इस संदर्भ में पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि इस तरह की गतिविधियों का मकसद समाज में अस्थिरता फैलाना हो सकता है।











