देशभर में गैस की किल्लत ने बढ़ाई जनता की परेशानी
देश के विभिन्न हिस्सों से आ रही तस्वीरें स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। कहीं प्रदर्शन हो रहे हैं तो कहीं सिलेंडर चोरी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। चंडीगढ़ से लेकर कोलकाता, दिल्ली से लेकर अरुणाचल प्रदेश और बिहार तक— हर जगह जनता को LPG सिलेंडर की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
देश के अलग-अलग क्षेत्रों से प्राप्त खबरें रसोई गैस की बढ़ती किल्लत, लंबी लाइनों और जनता की बढ़ती बेचैनी को उजागर कर रही हैं। कई जगह सुबह पांच बजे से ही लोग लाइन में लग रहे हैं, तो कहीं सिलेंडर न मिलने पर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
गैस की कमी से जनता का जीवन प्रभावित, प्रदर्शन और चोरी की घटनाएं बढ़ीं
चंडीगढ़ में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां लोग खाली सिलेंडर लेकर घंटों इंतजार कर रहे हैं। कई बार स्टॉक खत्म होने के कारण उन्हें निराशा का सामना करना पड़ता है। कुछ परिवारों का कहना है कि अब वे खाना बनाने के लिए लकड़ी या वैकल्पिक उपायों का सहारा ले रहे हैं।
आम तौर पर घर तक डिलीवरी होने वाली गैस अब खुद जाकर लेने को मजबूर हो गई है, जिससे बुजुर्ग और कामकाजी वर्ग को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मुंबई में गैस की किल्लत के बीच 27 सिलेंडर चोरी होने की घटना ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। कांदिवली इलाके में चोरों ने टेम्पो का लॉक तोड़कर सिलेंडर चुरा लिए, जिससे सप्लाई चेन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बढ़ी चिंता, सरकार का दावा है कि स्थिति सामान्य
दिल्ली में जहांगीरपुरी इलाके में 12 घंटे तक सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ा, वहीं राजधानी में LPG संकट को लेकर राजनीतिक हंगामा भी देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने ‘LPG गायब’ के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया, जबकि विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है कि गैस की कमी से जनता की रसोई प्रभावित हो रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कोई गैस, पेट्रोल या डीजल की कमी नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की है कि घबराकर अधिक खरीदारी न करें। सरकार का दावा है कि रोजाना लगभग दो लाख LPG सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
बिहार के मोतिहारी में गैस की अनुपलब्धता के कारण लोग सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने घंटों सड़क जाम कर रखा है, और उनका कहना है कि कई दिनों से बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इस स्थिति में पुलिस को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में महंगाई और गैस की कमी को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। नेताओं का आरोप है कि जब राजधानी में ही गैस नहीं मिल रही, तो पूरे देश की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल में कोलकाता और हावड़ा के ऑटो चालक भी गैस की कमी से प्रभावित हैं। वे दिन-रात लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन फिर भी गैस नहीं मिल पाने के कारण उनकी आमदनी घट गई है।
अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में भी स्थिति गंभीर है। सुबह पांच बजे से ही लोग लाइन में लग रहे हैं, लेकिन सीमित सप्लाई के कारण सभी को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। एक गैस एजेंसी के अनुसार, एक दिन में केवल 300 सिलेंडर ही पहुंचते हैं, जिससे भारी भीड़ उमड़ पड़ती है।
इन घटनाओं के पीछे मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़े तनाव को मुख्य कारण माना जा रहा है, जिससे गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। हालांकि, सरकार का कहना है कि सप्लाई पर्याप्त है, लेकिन अफवाहों और अनिश्चितता के कारण लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर खरीद रहे हैं। इस तरह की स्थिति में सप्लाई चेन पर दबाव और पैनिक बाइंग दोनों ही समस्या को बढ़ा रहे हैं।
देशभर में आ रही इन तस्वीरों से स्पष्ट है कि LPG संकट अब केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। चंडीगढ़ की कतारें, मोतिहारी का जाम, जयपुर का प्रदर्शन, दिल्ली की राजनीति और कोलकाता-हावड़ा की परेशानियां— ये सभी एक ही समस्या की ओर संकेत कर रहे हैं। हालांकि, सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है।









