दिल्ली पुलिस ने लश्कर के आतंकी शब्बीर अहमद को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार 30 मार्च को दिल्ली के सीमा क्षेत्र से लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के आतंकवादी शब्बीर अहमद को हिरासत में लिया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी विस्तृत पूछताछ की, जिसमें उसने दिल्ली के प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर आतंकी हमले की साजिश का खुलासा किया।
शब्बीर ने बताया कि उसने दिल्ली के कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल और छतरपुर मंदिर की रेकी की थी। इन स्थानों के वीडियो पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर को भेजे गए थे। इसके साथ ही उसने कनॉट प्लेस जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों की भी निगरानी की थी। इन खुलासों ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सतर्क कर दिया है।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और बांग्लादेश में नई आतंकी गतिविधियों का खुलासा
पूछताछ में पता चला है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और लश्कर-ए-तैयबा अब बांग्लादेश में ‘टीआरएफ’ (The Resistance Front) जैसी नई आतंकवादी संगठन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए बांग्लादेश के युवाओं की भर्ती की जा रही है।
शब्बीर अहमद लोन ने बताया कि वह 2015 में कश्मीर में सज्जाद गुल के साथ पकड़ा गया था, जो अब पाकिस्तान में टीआरएफ का कमांडर है। बांग्लादेश में सरकार बदलने के बाद शब्बीर सक्रिय हुआ और उसने दिल्ली, दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल तक अपने मॉड्यूल का विस्तार किया।
सज्जाद गुल और शब्बीर का कनेक्शन और आतंकवादी गतिविधियों का विस्तार
2015 में शब्बीर और सज्जाद गुल को कश्मीर में एक साथ गिरफ्तार किया गया था। जेल से रिहा होने के बाद सज्जाद गुल पाकिस्तान भाग गया, जबकि शब्बीर को बांग्लादेश में शिफ्ट कर दिया गया। वहां लंबे समय तक भूमिगत रहने के बाद वह हाल ही में फिर से सक्रिय हुआ है।
एनआईए (NIA) ने सज्जाद गुल पर लाखों का इनाम घोषित किया है, जो अब पीओके (PoK) में बैठकर भारत विरोधी ऑपरेशंस का नेतृत्व कर रहा है। शब्बीर अहमद की गिरफ्तारी ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है, जिससे आतंकी खतरे को रोकने के प्रयास तेज हो गए हैं।











