ईरान का दृढ़ प्रतिरोध और क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति
ईरान के उप-विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह ने नई दिल्ली में अपने भाषण के दौरान अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ अपने देश की सुरक्षा नीति का समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। खतीबज़ादेह ने यह भी कहा कि ईरान की सरकार इस समय पूरी तरह से युद्ध की स्थिति में है और देश के अस्तित्व को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार है।
अमेरिका-इज़राइल के हमलों के खिलाफ ईरान का मजबूत रुख
उन्होंने कहा कि तेहरान के पास अमेरिकी और इज़रायली हमलों का मुकाबला करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। खतीबज़ादेह ने जोर देकर कहा कि ईरान अपने अंतिम सैनिक और अंतिम गोली तक अपने देश की रक्षा करेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका और इज़राइल लगातार ईरान पर हमला कर देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस संघर्ष को बाहरी अत्याचारों के खिलाफ एक जरूरी कदम बताते हुए, उन्होंने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक सोच में बदलाव
रायसीना डायलॉग 2026 के दौरान ANI से बातचीत में, खतीबज़ादेह ने कहा कि ईरान अब शतरंज की तरह सोच रहा है, जबकि वाशिंगटन इसे फुटबॉल की तरह देख रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान की नेतृत्व व्यवस्था अपने देश की सुरक्षा के लिए नई रणनीतियों पर काम कर रही है। खतीबज़ादेह ने यह भी कहा कि ईरान की सरकार अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है, और देश के खिलाफ हो रहे लगातार हमलों का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार है।











