देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम में बदलाव का दौर जारी
पिछले कुछ दिनों में भारत के कई क्षेत्रों में मौसम की स्थिति में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा गया है। पहाड़ों में पश्चिमी विक्षोभ और मैदानी इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है।
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार, अधिकांश स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई है। हालांकि पूर्वी राजस्थान और पश्चिम हरियाणा के कुछ इलाकों में मौसम का प्रभाव अधिक स्पष्ट रूप से देखा गया है। कई स्थानों पर ओले गिरने के साथ तेज गरज-चमक और आंधी भी चली, लेकिन अब मौसम में सुधार हो रहा है।
आगामी दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहेगा?
फरवरी के शेष दिनों में किसी भी मजबूत मौसम प्रणाली की संभावना नहीं है। इसके कारण तापमान में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है, क्योंकि बादल छंट रहे हैं और धूप तेज हो रही है। इससे दिन का तापमान सामान्य से अधिक हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, नई दिल्ली (Saffronjung) में 24 फरवरी तक अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 20 फरवरी 2026 को दिल्ली का तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है।
राज्यों में तापमान का वर्तमान और भविष्य का अनुमान
स्काईमेट वेदर के अनुसार, पश्चिम और उत्तरी राजस्थान के साथ-साथ हरियाणा के इलाकों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। रात के समय तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, और अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। हिसार और अमृतसर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान अभी भी 8 से 9 डिग्री तक रह सकता है।
इन मैदानी इलाकों में फसल कटाई का मुख्य समय मार्च से मई के बीच होता है। आने वाले 10 से 12 दिनों में खेती से जुड़ी गतिविधियों के लिए मौसम अनुकूल रहेगा। हालांकि, मार्च के पहले हफ्ते में मौसम में बदलाव की संभावना है, और शुरुआती संकेत दर्शाते हैं कि अगले दो सप्ताह में प्री-मौसमी जैसी स्थिति भी देखने को मिल सकती है।











