दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद GRAP-4 हटाया गया
दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार के कारण ग्रैप (GRAP) के स्टेज-IV को समाप्त कर दिया गया है। हवा की गुणवत्ता में सुधार और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के ‘सीवियर प्लस’ से घटकर ‘Poor’ श्रेणी में पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से 13 दिसंबर 2025 को जारी उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 के कड़े प्रतिबंध लागू किए गए थे।
प्रदूषण में गिरावट के कारण GRAP-4 को हटाने का फैसला
आयोग ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली और उसके आसपास के शहर जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद आदि में प्रदूषण का स्तर घटने के संकेत मिले हैं। मौसम की अनुकूल परिस्थितियों, हवा की रफ्तार बढ़ने और प्रदूषण फैलाने वाले कारकों में कमी के कारण यह सुधार संभव हो पाया है। इसी आधार पर, GRAP-4 के प्रतिबंधों को हटा दिया गया है। हालांकि, CAQM ने यह भी कहा है कि GRAP के स्टेज-I, स्टेज-II और स्टेज-III के तहत लागू नियम अभी भी जारी रहेंगे और इन्हें 21 नवंबर 2025 को संशोधित GRAP के अनुसार सख्ती से लागू किया जाएगा।
GRAP-4 में लागू प्रतिबंध और अब की स्थिति
GRAP-4 के दौरान दिल्ली-एनसीआर में निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध था, साथ ही खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर भी रोक लगी थी। इसके अलावा, दूसरे राज्यों में पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों का प्रवेश वर्जित था, और सरकारी व निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य किया गया था। निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को भी क्षेत्र में आने की अनुमति नहीं थी।
हालांकि, इस चरण में CNG और इलेक्ट्रिक वाहन, सार्वजनिक परिवहन, आवश्यक सेवाएं और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहन छूट प्राप्त थे। अब जब GRAP-4 हटा दिया गया है, तो इन कड़े प्रतिबंधों में ढील मिल गई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में यातायात और आर्थिक गतिविधियों में कुछ सामान्यता लौटने की उम्मीद है।











