दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया
दिल्ली की स्पेशल सेल ने राजधानी में चल रहे जासूसी और फर्जी पासपोर्ट रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए झारखंड निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी की पहचान आदिल हुसैनी उर्फ सैयद आदिल हुसैन, मोहम्मद आदिल हुसैन या नसीमुद्दीन के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 59 वर्ष है। यह व्यक्ति जमशेदपुर (झारखंड) के टाटा नगर का निवासी है और लंबे समय से दिल्ली के सीमापुरी क्षेत्र में रह रहा था।
आरोपी की गिरफ्तारी और प्रारंभिक जांच
स्पेशल सेल ने रविवार को आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में पता चला कि आदिल पाकिस्तान के लिए संवेदनशील सूचनाएं साझा करने और फर्जी पासपोर्ट रैकेट में शामिल था। उसके पास से एक असली और दो नकली पासपोर्ट की प्रतियां भी बरामद हुई हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कई बार पाकिस्तान और गल्फ देशों की यात्रा की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आदिल के कुछ विदेशी न्यूक्लियर वैज्ञानिकों से भी संपर्क होने की आशंका है, हालांकि अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
आरोपी के संबंध और आगे की जांच
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर संख्या 274/2025 दर्ज की है, जिसमें धारा 61(2), 318, 338 और 340 बीएनएस शामिल हैं। आरोपी को सोमवार को जेएमएफसी (जज मेट्रोपोलिटन फास्ट ट्रैक कोर्ट) साहिल मोंगा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। जांच में यह भी पता चला है कि आदिल का भाई अख्तर हुसैनी भी इस जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसे मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया है। अख्तर कई बार गल्फ देशों की यात्रा कर चुका है और उसने एक गोपनीय केंद्र के तीन फर्जी आईडी कार्ड भी बनवाए थे। इसके अलावा, कुछ अन्य संदिग्धों की भी तलाश जारी है, जिनमें एक कैफे संचालक का नाम भी शामिल है। अब केंद्रीय एजेंसियां और स्पेशल सेल यह पता लगाने में लगी हैं कि आरोपी ने किन-किन व्यक्तियों को फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट उपलब्ध कराए हैं और उसके विदेशी संपर्क कहां तक फैले हुए हैं। इस गिरफ्तारी ने दिल्ली में सक्रिय जासूसी और फर्जी दस्तावेज गिरोहों के खिलाफ खुफिया एजेंसियों की चिंता को और बढ़ा दिया है।











