दिल्ली में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स के दौरान सुरक्षा में खामियां
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। इस प्रतिष्ठित आयोजन के बीच, स्टेडियम परिसर में दो विदेशी कोच पर आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में चार सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन की तत्परता पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं।
आवारा कुत्तों का आतंक और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद, दिल्ली नगर निगम (MCD) और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र विकास निगम (NDMC) की टीमें सक्रिय हो गईं। उन्होंने स्टेडियम और उसके आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू किया। इसके साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर चार स्थायी डॉग-कैचिंग टीमें, रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट और वाहनों की तैनाती की गई है। इन कदमों का उद्देश्य इन खतरनाक आवारा कुत्तों को सुरक्षित रूप से हटाना है।
खेल मंत्रालय, दिल्ली सरकार और नगर निगम ने इस घटना के बाद तुरंत ही कार्रवाई की है। अरनव घोष जैसे आयोजक सदस्य ने बताया कि एक विशेष टीम ने रातभर में स्टेडियम के अंदर से सभी आवारा कुत्तों को हटा दिया है। यह कदम आयोजन की सुरक्षा और खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुरक्षा चुनौतियां
यह घटना उस समय हुई जब देश पहली बार वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की मेजबानी कर रहा था। इस दौरान, केन्या के कोच डेनिस मरागिया और जापान की कोच मेइको ओकुमात्सु को आवारा कुत्तों ने काट लिया। दोनों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को अस्थायी रूप से शेल्टर में रखने का आदेश दिया था। हालांकि, 22 अगस्त को संशोधित आदेश में कहा गया कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद इन कुत्तों को उनके मूल क्षेत्र में वापस छोड़ा जाएगा। इस आदेश का उद्देश्य संक्रमण और आक्रामक स्वभाव वाले कुत्तों को नियंत्रित करना है।
यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है और आयोजन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना है कि प्रशासन इन चुनौतियों का सामना कैसे करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।









