दिल्ली में UPSC छात्र की रहस्यमय हत्या का खुलासा
दिल्ली के गांधी विहार इलाके में UPSC की तैयारी कर रहे छात्र रामकेश मीणा की हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें उसकी लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। अमृता ने हत्या के बाद शव को जलाने के लिए तेल, घी और शराब का प्रयोग किया ताकि घटना को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
हत्या का पर्दाफाश और पुलिस की जांच
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी लड़की ने अपनी फॉरेंसिक साइंस की जानकारी का इस्तेमाल कर इस घटना को एक दुर्घटना की तरह दिखाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के निवासी हैं। अमृता ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित और उसके दोस्त संदीप के साथ मिलकर इस हत्या की योजना बनाई थी, ताकि वह एक हार्ड डिस्क वापस प्राप्त कर सके जिसमें कथित तौर पर उसके अश्लील वीडियो मौजूद थे।
यह घटना 6 अक्टूबर को हुई, जब गांधी विहार के चौथी मंजिल के एक फ्लैट में आग लगी। आग बुझाने के बाद पुलिस को जली हुई लाश मिली। प्रारंभिक जांच में आग लगने के पैटर्न में कुछ असामान्य बातें सामने आईं, जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। उसमें दो नकाबपोश व्यक्तियों को बिल्डिंग में प्रवेश करते देखा गया, और उसके बाद अमृता और एक अन्य व्यक्ति भी दिखाई दिए।
कॉल डेटा रिकॉर्ड के विश्लेषण से भी पुष्टि हुई कि घटना के समय अमृता का मोबाइल फोन क्राइम सीन के पास ही था। इन सब सुरागों के आधार पर पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। अंततः 18 अक्टूबर को मुरादाबाद से उसकी गिरफ्तारी हुई, और पूछताछ में उसने सुमित और संदीप के साथ मिलकर हत्या की योजना स्वीकार की।
हत्या की योजना और आरोपी का खुलासा
पुलिस के अनुसार, अमृता ने बताया कि उसे पता चला था कि रामकेश मीणा ने उसके इंटीमेट वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे और उन्हें हार्ड डिस्क में सुरक्षित कर लिया था। जब उसने इन वीडियो को डिलीट करने से मना कर दिया, तो वह अपने पूर्व प्रेमी सुमित के पास गई, जो गुस्से में आ गया और बदला लेने का फैसला किया।
सभी आरोपी मिलकर 5 और 6 अक्टूबर की रात को मीणा के फ्लैट पर पहुंचे। वहां सुमित और संदीप ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। अमृता ने शव पर तेल, घी और शराब डालकर उसे जलाने में मदद की। गैस सिलेंडर का प्रयोग कर सुमित ने आग लगाई, क्योंकि वह LPG डिस्ट्रीब्यूटर था और जानता था कि गैस फटने में कितना समय लगेगा।
हत्या के बाद, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सबूत मिटाने का प्रयास भी देखा। उन्होंने फ्लैट के लोहे के गेट से नेट हटा दिया और अंदर से लॉक कर दिया। शव के साथ-साथ हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य सामान भी ले गए। करीब एक घंटे बाद गैस सिलेंडर फट गया और शव पूरी तरह से जल गया।
अंत में, पुलिस ने अमृता की गिरफ्तारी के बाद उसके पास से हार्ड डिस्क, ट्रॉली बैग और शर्ट बरामद किए। 21 अक्टूबर को सुमित को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया गया, और उसके मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया। दो दिन बाद संदीप को भी पुलिस ने पकड़ लिया।









