दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, गिरफ्तारी जारी
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुई बुलडोजर कार्रवाई और उससे जुड़े विवाद के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक छह और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अफ़ान, आदिल, शाहनवाज़, हमज़ा, अतहर और उबैद के रूप में हुई है। ये सभी तुर्कमान गेट के निवासी हैं।
पुलिस का दावा है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर फैलाए गए भ्रामक संदेशों के माध्यम से भीड़ को उकसाया गया था। जांच में यह भी पता चला है कि समुदाय और धार्मिक समूहों के बीच झूठी खबरें फैलाकर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया गया। इससे पहले गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों में से पांच को 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
सामाजिक मीडिया पर फैले झूठ और कानूनी कार्रवाई
पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम ने 10 प्रभावशाली व्यक्तियों की पहचान की है, जिनमें से एक महिला इंफ्लुएंसर को पूछताछ के लिए समन भेजा गया है। पुलिस ने कई व्हाट्सएप ग्रुपों में जाकर गलत सूचनाओं का खंडन किया, जिससे भीड़ को और बढ़ने से रोका जा सका। इस बीच, पुलिस ने भ्रामक खबरों के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर सख्त कदम उठाए हैं।
मस्जिद की सुरक्षा और मलबा हटाने का कार्य
भ्रम को दूर करने के लिए पुलिस ने डिमोलिशन साइट का ‘बिफोर और आफ्टर’ वीडियो भी जारी किया है। इसमें दिखाया गया है कि कोर्ट के आदेश पर केवल बैंक्वेट हॉल और डिस्पेंसरी को हटाया गया है, जबकि मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है। एमसीडी (Municipal Corporation of Delhi) ने करीब 36 हजार वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण हटा दिया है।
हिंसा से पहले पुलिस ने 120 से अधिक मौलवियों और अमन कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित किया था कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान हुई हिंसा में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद ड्यूटी पर वापस भेज दिया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि गलत जानकारी फैलाने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।











