दिल्ली और उत्तर भारत में गर्मी का आगमन तेज
दिल्ली में इस समय गर्मी का अनुभव तेज हो रहा है, जहां कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज हो रहा है। बीते दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि देखी गई है, और कल भी यह 3 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इस बढ़ते तापमान के कारण लोग दिन के समय हल्के कपड़े पहनने को प्राथमिकता दे रहे हैं। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो फरवरी महीने में 26 फरवरी 2025 को अधिकतम तापमान 32.4°C तक पहुंच चुका है, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 29.7°C रहा। 2020 के बाद से फरवरी का सबसे उच्च तापमान 21 फरवरी 2023 को 33.6°C दर्ज किया गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि आज भी दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6°C से 3.6°C अधिक रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में भी तापमान में वृद्धि जारी रह सकती है, जिससे गर्मी पहले ही अपने प्रभाव दिखाने लगी है।
राजस्थान में भी फरवरी में गर्मी का असर दिखने लगा
केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि राजस्थान में भी इस समय गर्मी का अनुभव हो रहा है। 5 फरवरी 2026 तक तापमान सामान्य के आसपास था, लेकिन उसके बाद से ही तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्काईमेट वेदर के अनुसार 6 और 7 फरवरी के बाद से उत्तर राजस्थान में तापमान में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। 10 फरवरी तक कई स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस ऊपर पहुंच चुका है। बीकानेर ने 9 फरवरी को 30.6°C का तापमान दर्ज किया, जबकि 10 फरवरी को चूरू का पारा 30°C तक पहुंच गया। पिलानी में भी उसी दिन अधिकतम तापमान 30.2°C रहा। इस बार तापमान सामान्य से काफी ऊपर गया है, जो मौसम के लिहाज से असामान्य माना जा रहा है। तेज गर्मी की मुख्य वजह पिछले दिनों का सूखा मौसम, साफ आसमान और हल्की हवाएं हैं। बादल न होने के कारण धूप तीखी रही और कमजोर हवाओं के कारण वायुमंडलीय मिश्रण कम हुआ, जिससे तापमान तेजी से बढ़ा।
आगे की संभावना और मौसम का प्रभाव
आगे आने वाली हवाओं की रफ्तार बढ़ने की संभावना है, खासकर पश्चिमी हिमालय क्षेत्र से आने वाली उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इससे अधिकतम तापमान फिर से 30°C से नीचे आ सकता है, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य फरवरी तक तापमान सामान्य से ऊपर ही रहेगा, जिससे उत्तर राजस्थान में गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इस बार फरवरी में ही गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है, जो रिकॉर्ड तोड़ने का संकेत भी दे रहा है। इस तरह की तेज गर्मी का प्रभाव न केवल उत्तर भारत बल्कि पूरे देश के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।










