दिल्ली में नए प्रदूषण नियंत्रण नियम लागू, वाहन जांच में होगी ऑटोमेटिक नंबर प्लेट प्रणाली का इस्तेमाल
राजधानी दिल्ली में गुरुवार से बिना वैध पीयूसी (पॉल्यूशन अटेस्टेशन सर्टिफिकेट) वाले वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। इसके साथ ही जब ग्रैप 3 या 4 लागू होंगे, तब बीएस-6 से नीचे के और दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि वाहनों की उत्सर्जन श्रेणी की जांच ऑटोमैटिक नंबर प्लेट सिस्टम और मौके पर की जाएगी। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अधिकारियों से बहस न करें और नियमों का पालन करें।
निर्माण सामग्री लेकर आने वाले वाहनों पर भी लगेगा प्रतिबंध, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कड़े कदम
सिरसा ने स्पष्ट किया कि ग्रैप 4 लागू होने पर निर्माण सामग्री लेकर आने वाले किसी भी वाहन को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वाहनों की उत्सर्जन कैटेगरी की जांच के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली और ऑन-ग्राउंड जांच का सहारा लिया जाएगा। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें से एक है नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान। पिछले 11 महीनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, और नवंबर में भी AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) पिछले साल की तुलना में करीब 20 अंक कम रहा।
2026 तक 7000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य, वाहनों के चालान में हुई वृद्धि
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में 3427 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, और दिसंबर 2026 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 7000 करने की योजना है। इससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण में काफी कमी आएगी। साथ ही, वैध पीयूसी सर्टिफिकेट न होने पर अब तक 8.66 लाख से अधिक वाहनों के चालान किए गए हैं, जिससे वाहन मालिकों में जागरूकता बढ़ी है। सर्दियों में लकड़ी या कचरे के जलाने से रोकने के लिए सरकार ने गार्डों और रात में काम करने वाले कर्मचारियों को 3500 इलेक्ट्रिक हीटर मुफ्त में वितरित किए हैं।











