दिल्ली पुलिस ने ‘Say Help’ ऐप से मिली सूचना पर अवैध ट्रैफिकिंग का पर्दाफाश किया
दिल्ली के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की पुलिस ने ‘Say Help’ मोबाइल एप्लिकेशन से प्राप्त अलर्ट के आधार पर एक अवैध देह व्यापार रैकेट का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने पहाड़गंज क्षेत्र में एक स्पा सेंटर पर छापा मारा और छह महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर भेजा। साथ ही इस स्पा को सील कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क का संचालन मुख्य आरोपी महिला और उसके पति कर रहे थे।
रात के समय मिली जानकारी और कार्रवाई की प्रक्रिया
यह घटना 30 और 31 अक्टूबर की मध्यरात्रि की है, जब ‘Say Help’ ऐप पर पहाड़गंज इलाके से संदिग्ध गतिविधियों का अलर्ट मिला। पुलिस की स्पेशल टीम और ऐप की निगरानी टीम ने तुरंत कार्रवाई की। तकनीकी जांच और गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पता चला कि गैलेक्सी स्पा देह व्यापार से जुड़ी अवैध गतिविधियों में संलिप्त है। पुलिस ने एक ग्राहक को दो हजार रुपये की प्री-नोटेड करेंसी देकर संदिग्ध गतिविधि का पता लगाने का प्रयास किया। शाम करीब 7:25 बजे उस ग्राहक ने वॉट्सएप पर मिस्ड कॉल के जरिए संकेत दिया, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत छापा मारा।
मामले का खुलासा और गिरफ्तार महिलाएं
छापेमारी के दौरान पुलिस को छह महिलाएं और एक महिला रिसेप्शनिस्ट मिलीं, जो देह व्यापार में शामिल थीं। साथ ही पुलिस ने मौके से 2000 रुपये की मार्क की गई करेंसी और तीन पैकेट कंडोम भी बरामद किए। मुख्य आरोपी महिला की पहचान लेडी K के रूप में हुई है, जो 36 वर्ष की है और पहाड़गंज की रहने वाली है। उसने पुलिस को बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर इस अवैध रैकेट का संचालन कर रही थी। पुलिस ने थाना नबी करीम में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रेस्क्यू की गई महिलाओं का विवरण और पुलिस का अभियान
पुलिस ने जिन महिलाओं को रेस्क्यू किया है, उनमें से एक 25 वर्षीय महिला पश्चिम बंगाल की निवासी है, दूसरी 25 साल की महिला ग्रेटर कैलाश-II दिल्ली की है, जबकि तीसरी महिला 31 वर्ष की है और उत्तम नगर दिल्ली की रहने वाली है। इसके अलावा एक 34 वर्षीय महिला सरायकेला खरसावां झारखंड की, एक 21 वर्षीय महिला हुगली पश्चिम बंगाल की और एक 30 वर्षीय महिला मेरठ उत्तर प्रदेश की है। सभी महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। पुलिस ने मौके से 2000 रुपये नकद और तीन पैकेट कंडोम भी बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई महिलाओं की सुरक्षा और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे तकनीकी निगरानी अभियान का हिस्सा है। ‘Say Help’ ऐप रियल-टाइम AI और GPS ट्रैकिंग से लैस है, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में वीडियो, ऑडियो और लोकेशन डिटेल्स सीधे पुलिस और परिवार को भेज देता है।









