दिल्ली में सर्दियों के साथ वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ा
सर्दियों के आगमन के साथ ही दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच गया है। इंडिया गेट, आनंद विहार, पंजाबी बाग और वजीरपुर जैसे इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 से 440 के बीच दर्ज किया गया है, जिससे सांस लेने, आंखों और गले में जलन जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। यह प्रदूषण का स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
प्रदूषण का प्रभाव विशेष रूप से कमजोर और बीमार लोगों पर
दिल्ली-एनसीआर में सुबह नौ बजे का समय प्रदूषित हवा का सबसे अधिक प्रभाव दिखा रहा है। इस जहरीली हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही सांस या हृदय रोग से पीड़ित मरीजों पर पड़ रहा है। उन्हें सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, सिर दर्द और गले में खराश जैसी समस्याएं हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक इस स्तर की हवा में रहने से फेफड़ों पर स्थायी प्रभाव पड़ सकता है और गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए कदम
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। इनमें कच्चे ईंधन वाले वाहनों पर प्रतिबंध, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय, एंटी-स्मॉग गन का प्रयोग और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करना शामिल है। साथ ही, लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और शाम के समय जब हवा सबसे खराब होती है, बाहर निकलने से बचें। मास्क के रूप में एन-95 का उपयोग करें, घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और शरीर को हाइड्रेट रखें।











