दिल्ली पुलिस ने नसीर गैंग के तीन सदस्यों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने कुख्यात नसीर गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को हिरासत में लिया है, जिनमें से दो जेल में बंद गैंग के मुखिया अब्दुल नसीर के सगे भाई हैं। इन गिरफ्तारीयों को ट्रांस-यमुना क्षेत्र में फैली इस अपराधी गैंग की गतिविधियों पर गंभीर चोट माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, इन तीनों को 2019 में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
दो भाई और एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर की गिरफ्तारी
पीटीआई के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अब्दुल नसीर के भाई आदिल और शमीम उर्फ बदर शामिल हैं, जो गैंग के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। तीसरे आरोपी सलीम अहमद उर्फ पिस्टल को एक घोषित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर माना जाता है। पुलिस ने बताया कि बदर को 27 जून, आदिल को 2 जुलाई, और सलीम को 22 सितंबर को गिरफ्तार किया गया है।
गैंग पर लगी बड़ी चोट और नेटवर्क का ध्वस्त होना
इन गिरफ्तारीयों के बाद अब्दुल नसीर और उसके तीनों भाई आदिल, नादिर और शमीम जेल में हैं। इनके साथ ही गैंग के कई अन्य महत्वपूर्ण सदस्य जैसे दानिश जमाल, आसिम उर्फ हाशिम बाबा और सलमान उर्फ माटू भी न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस का कहना है कि इन कार्रवाइयों के कारण पूर्वी दिल्ली और एनसीआर में फिरौती, कब्जेदारी और टारगेट शूटिंग जैसी घटनाओं में भारी कमी आई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सलीम अहमद उर्फ पिस्टल न केवल नसीर गैंग बल्कि दिल्ली-एनसीआर के अन्य अपराधी गिरोहों को भी अवैध हथियारों की आपूर्ति करता था। उसका नेटवर्क भारत से बाहर पाकिस्तान और नेपाल तक फैला हुआ था। गिरफ्तारी के बाद दिल्ली-एनसीआर में चल रहे हथियार तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। आदिल और शमीम की गिरफ्तारी के साथ ही नसीर गैंग का बाकी का नेटवर्क लगभग निष्क्रिय हो चुका है। इस मामले में अब तक छह पूरक चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं और कुल 15 सदस्यों पर आरोप तय किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी सदस्यों और उनकी आर्थिक गतिविधियों की जांच जारी है।











