इंस्टाग्राम पर फर्जी तांत्रिक बनकर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली की साइबर पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ लिया है जो सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम का इस्तेमाल कर खुद को ‘ऑनलाइन तांत्रिक’ के रूप में प्रस्तुत कर लोगों को धोखा दे रहा था। यह आरोपी झुंझुनूं (राजस्थान) का निवासी है और वह भूत-प्रेत हटाने तथा व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था।
भूत-प्रेत हटाने के नाम पर चल रहा था धोखाधड़ी का खेल
यह मामला तब उजागर हुआ जब नई दिल्ली के चाणक्यपुरी की एक महिला ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर “@AGHORI_JI_RAJASTHAN” नाम से एक पेज देखा, जो खुद को तांत्रिक और आध्यात्मिक हीलर बताता था। इस पेज के माध्यम से आरोपी ने महिला को यह विश्वास दिलाया कि उनके घर में आत्माओं का साया है और इसे दूर करने के लिए विशेष पूजा करनी होगी।
आरोपी ने झूठी तस्वीरें भेजीं, जिनमें भूत जैसी आकृतियां दिखाकर महिला को डराया। इसके बाद उसने रिवाज के नाम पर 1 लाख 14 हजार रुपये वसूल लिए। जैसे ही पैसे ट्रांसफर हुए, उसने कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। महिला ने फिर साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में पता चला कि आरोपी ने फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाकर लोगों को डराने का काम किया था।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार और की जांच
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी राहुल (20 वर्ष) के खाते में ठगी के पैसे ट्रांसफर हुए थे। उसकी मोबाइल नंबर भी उसी के नाम पर पंजीकृत था। तकनीकी जांच और स्थानीय इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने झुंझुनूं (राजस्थान) में आरोपी का लोकेशन ट्रेस किया। 9 अक्टूबर 2025 को दिल्ली पुलिस की टीम ने वहां छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में राहुल ने स्वीकार किया कि वह फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट और वेबसाइट बनाकर लोगों की भावनाओं और डर का फायदा उठाकर पैसे कमाता था। उसने यह भी बताया कि वह अपने ‘तांत्रिक’ वीडियो को प्रमोट करने के लिए पेड एड्स का इस्तेमाल करता था ताकि अधिक से अधिक लोग फंस सकें।
अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी ने 50 से अधिक लोगों को इसी तरीके से ठगा है। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, तीन डेबिट कार्ड और तीन चेक बुक भी बरामद की है। पुलिस उसकी डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि और पीड़ितों की पहचान की जा सके।
पुलिस का कहना है कि यह एक नया तरीका है, जिसमें आस्था और डर का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर लोगों को ठगा जा रहा है। जनता से अपील की गई है कि ऐसे तथाकथित ‘ऑनलाइन तांत्रिकों’ या ‘स्पिरिचुअल हीलर्स’ के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध अकाउंट या वेबसाइट की सूचना तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।










